झांसी.कभी चंदेल राजाओं के जमाने में बनवाए गए कुएं, बावड़ी, चौपड़ों और तालाबों के कारण बेहतरीन जलप्रबंधन के लिए मशहूर रहे बुंदेलखंड में अब नए जमाने के 'तालाबों' का दौर शुरू हो रहा है। इस बार सूखे की भारी चपेट से कराह उठे बुंदेलखंड में बूंद-बूंद पानी के महत्व को समझते हुए अब पानी को समेटने और सहेजने के लिए नई इबारत लिखी जा रही है।