18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीयू में एक वर्कशॉप का हुआ आयोजन, स्टूडेंट्स को मानसिक फिट रखने पर दिया जोर

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल पर सिफ्सा ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

less than 1 minute read
Google source verification

झांसी

image

Patrika Desk

Mar 12, 2023

a1.jpg

वर्कशॉप में बैठे स्टूडेंट्स

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में मानसिक हेल्थ और जीवन स्किल को लेकर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्नातक प्रथम सत्र के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने, उन्हें सकारात्मक सोंच की दिशा में प्रेरित करने और तनाव से बचाने के लिए इस खास कार्यशाला का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं को क्रियात्मक एवं सकारात्मक सोच के साथ समस्या समाधान के तरीकों से अवगत कराया।

ये 13वीं वर्कशॉप थी

सिफ्सा की बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय इकाई की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता पाण्डेय ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने 13वीं कार्यशाला का आयोजन किया। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जानकारी दी गई। मानसिक स्वास्थ्य के बिना शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति खराब हो जाती है। विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहने तथा सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित किया गया। सकारात्मक सोच से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

तनाव दूर करने के दिए सुझाव

सिफ्सा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, मानसिक तनाव से निपटने के तरीके एवं सामान्य मानसिक समस्याओं, अवसाद, नींद न आना, भावनाओं पर नियंत्रण न होना आदि के संदर्भ में विस्तार से चर्चा की। अपनी क्षमताओं को जानकर लक्ष्य निर्धारण करने चाहिए और असफलताओं से सीख कर आगे बढ़ना चाहिए। तनाव की अवस्थाओं एवं तनाव निराकरण की विधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अपनी समस्या के बारे में परिवार, शिक्षकों एवं मित्रों से खुलकर बात करना चाहिए।