
कृष्णा की फाइल फोटो।
झांसी के समथर में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर ट्रैक्टर सवार युवक जिन्दा जल रहा था और जब ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति को बंद कराने के लिए फोन किया तो उनसे विद्युतकर्मी ने घटना का वीडियो भेजने की बात कही। लगभग आधे घंटे जलने के बाद जिन्दा युवक की मौत हो गयी और ट्रैक्टर भी जलकर खाक हो गया। युवक ट्रैक्टर की ट्रॉली में धान लेकर एक खेत से दूसरे खेत पर जा रहा था। रास्ते में 11 केवी के झूलते तारों से ट्रैक्टर की छतरी छू गई। इसके बाद तेज धमाके के साथ ट्रैक्टर में आग लग गई। घटना थाना समथर क्षेत्र के ग्राम बरनाया की है। विद्युत विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन जैम लगाने की तैयारी करने लगे। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने विद्युत विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तार से छू गई थी छतरी
थाना समथर के ग्राम बरनाया गांव निवासी देवीदयाल राजपूत का इकलौता पुत्र कृष्णा (18) पिता के साथ खेती में हाथ बटाता था। मृतक के दादा चतुर सिंह ने बताया कि खेत में धान की हार्वेस्टर से कटाई हो रही थी। धान को ट्रॉली में भरकर कृष्णा दूसरे खेत पर ले जा रहा था। रास्ते में 11 केवी के तार नीचे थे। जब कृष्णा ट्रैक्टर लेकर तार के नीचे से गुजरा तो छतरी से तार छू गया गया।
धुआं देख दौड़े लोग
इसके बाद तेज धमाका हुआ और ट्रैक्टर और कृष्णा में आग लग गई। धमाका की आवाज और धुआं देखकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग ट्रैक्टर की ओर दौड़ पड़े। लेकिन करण्ट होने की वजह से किसी की हिम्मत नहीं हुई। तब ग्रामीणों ने पावर हाउस में फोन कर घटना के बारे में बताया और बिजली सप्लाई बंद कराने को कहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि विद्युतकर्मी ने घटना की वीडियो बनाकर व्हाट्सएप करने को कहा। कई फोन जाने के बाद उसने आपूर्ति बन्द की, जिसके बाद ग्रामीणों ने पानी डालकर आग को बुझाया। लेकिन तब तक कृष्णा की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीण हो गए थे आक्रोशित
हादसे के बाद पूरा गांव मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों आक्रोशित हो गए और विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाने लगे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम, सीओ
समेत 5 थानों के प्रभारी और फोर्स पहुंच गया और उनको समझाया, जिससे मामला शांत हो सका।
टूटे विद्युत खम्भों की वजह से हुआ हादसा
दादा चतुर सिंह ने बताया कि यह हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है। जिस जगह हादसा हुआ, वहां आसपास 3 बिजली के खंभे टूटे हुए लगे हैं। यह खंभे गर्मियों में आंधी बारिश के समय टूट गए थे। तब विद्युत कर्मचारियों ने टूटे हुए पोल ही लगा दिए थे। करीब 3 माह से ग्रामीण शिकायत भी कर रहे थे कि तार बहुत नीचे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आज इतना बड़ा हादसा हो गया।
बेटे का शव देख मां हो गई बेहोश
हादसे की सूचना पर पूरा गांव मौके पर पहुंच गए। उधर, कृष्णा की मां नीतू राजपूत और अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए। इकलौते बेटे का शव देखकर मां नीतू बेहोश हो गई। वह विद्युत विभाग के अधिकारियों को कोसते हुए बार-बार बेटे को बुलाने की जिद कर रही है। कृष्णा अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। बेटे की मौत का पिता को भी गहरा सदमा लगा है।
पुलिस ने ये कहा
इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गोपीनाथ सोनी ने बताया कि विद्युत करंट लगने से कृष्णा राजपूत की मौत हुई है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। थाना समथर प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर विद्युत विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ धारा 304 ए, 279 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
Published on:
17 Nov 2023 07:35 am
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