
Gujjar agitation: the contempt of court
जयपुर. गुर्जर आंदोलन को लेकर कोर्ट की अवमानना के मामले में हाईकोर्ट के पूछे तीन सवालों ने प्रदेश की सरकार को उलझन में डाल दिया है। तत्काल जवाब देते नहीं बना तो सरकार ने सात दिन का समय मांग फिलहाल खुद को राहत में ला दिया है। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई थी।
यह है तीन सवाल
कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्या सरकार अवमानना के आरोपितों से जुर्माने के रूप में आर्थिक नुकसान वसूलना चाहती है ? यदि हां तो कितना। क्या सरकार उन्हें सजा दिलवाना चाहती है ? या सरकार उन्हें दोनों तरह की सजा दिलवाना चाहती है ?
समय दिया पर मांगे शपथ पत्र
इस मामले में सरकार की तरफ से एजी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में अधिकारियो से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन, उनसे बात नहीं हो पा रही है। इसलिए उन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया जाए। समय देते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकार साथ में अधिकारियों के शपथ पत्र भी पेश करें।
गुर्जर समुदाय हिंसात्मक आंदोलन नहीं करेगा
कोर्ट की अवमानना के आरोपित गुर्जर आंदोलन के नेता कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला व अन्य ने अपने वकील के जरिए कोर्ट में कहा कि आंदोलन में गुर्जर समुदाय के 72 लोग मारे गए थे । गुर्जरो ने हिंसात्मक आंदोलन नहीं किया था बल्कि पुलिस ने ही पहली गोली चलाकर भीड़ को भड़काया था। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि गुर्जर समुदाय हिंसात्मक आंदोलन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से यह भी अपेक्षा है कि वह अपने वादे को पूरा करे। मामले में अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी ।
Published on:
16 Aug 2016 09:53 pm
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