
झुंझुनू/पिलानी. नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) में कमांडो पद से स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर खेती-बाड़ी शुरू करने वाले पिलानी के मुकेश मांजू गिनती अब राजस्थान के प्रगतिशील किसानों में होती है। पिता के निधन के बाद मुकेश ने वर्ष 2018 में कमांडर की नौकरी से वीआरएस लेकर खेती-बाड़ी शुरू की। खेती में उसका हाथ बंटाने के लिए भाई प्रमोद मांजू ने भी सेना की नौकरी छोड़ दी। दोनों ने मिलकर इतनी मेहनत की कि पिछले एक साल में ही कारोबार को 10 गुना बढ़ा दिया। आज यह खेती उन्हें लाखों की आय करा रही है।
यूं बढ़ाई कमाई
मुकेश ने बताया कि उनके 50-50 बीघा के दो खेत हैं। इनमें से एक में परंपरागत खेती करते हैं। इसमें सरसों, गेंहू, बाजरा, चना आदि उगाया जाता है। वहीं दूसरे खेत में अमरूद, किन्नू, नींबू, बेर, खेजड़ी, खजूर, मौसमी, जैतून आदि की खेती की जाती है। इसके अलावा इन्हीं खेतों में पशुपालन व मुर्गी पालन, मछली पालन भी करते हैं। साथ ही खेत में ओलिव एग्रो टूरिज्म के कोट्स भी बना रखे हैं। इनमें विदेशी पर्यटकों के अलावा बिट्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पेरेंट्स ठहरते हैं।
225 लोगों ने ले रखी है मेंबरशिप
साल में दो बार राजस्थान ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट एसोसिएशन की ओर से फसलों का निरीक्षण किया जाता है। इसके लिए दोनों भाई ने करीब 225 लोगों को अपने खेत की मेंबरशिप दे रखी है, जो अपनी सुविधा अनुसार या फिर उपलब्ध पैदावार के मुताबिक डिमांड भेजते हैं। डिमांड के आधार पर उन्हें सामान भेज दिया जाता है। दो साल पहले शुरू की गई मेंबरशिप में पहले साल जहां 20-25 मेंबर थे। वहीं दूसरे साल इनकी संख्या 225 से ज्यादा हो गई। फिलहाल उनके पास दिल्ली एनसीआर एरिया के अलावा पिलानी व उसके पास-पड़ौस के क्षेत्रों तथा बिट्स के प्रोफेसर व अन्य स्टाफ एवं बिट्स में पढने वाले बच्चों के पेरेंट्स मेंबर हैं।
Published on:
26 Sept 2023 02:30 pm
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