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राजस्थान में अनूठा बन गया झुंझुनूं का अलीपुर गांव

उन्होंने संकल्प ले रखा है कि वे जरूरतमंद को सामान देते समय फोटो नहीं लेंगे। ना ही किसी भी तरह के सोशल मीडिया(वाट्सएप, टेलीग्राम, ट्वीटर, फेसबुक या अन्य) पर इस प्रकार की फोटो डालेंगे।

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राजस्थान में अनूठा बन गया झुंझुनूं का अलीपुर गांव

राजस्थान में अनूठा बन गया झुंझुनूं का अलीपुर गांव

राजेश शर्मा

झुंझुनूं. जिले के अनेक लोगों में एक ट्रेंड चल रहा है। जरूरतमंद को खाद्य सामग्री बांटो। उसी समय अपना कैमरामैन साथ रखो। बांटते हुए का तुरंत फोटो लो। सबसे पहले उसे सोशल मीडिया पर डाल दो। इसके विपरीत बगड़ के पास अलीपुर गांव के युवा सबसे अलग राह पर हैं। वे भी खाद्य सामग्री बांट रहे हैं। जरूरमतमंद तक सब्जी, दवा सहित सभी सामान निशुल्क पहुंचा रहे हैं। लेकिन उन्होंने संकल्प ले रखा है कि वे जरूरतमंद को सामान देते समय फोटो नहीं लेंगे। ना ही किसी भी तरह के सोशल मीडिया(वाट्सएप, टेलीग्राम, ट्वीटर, फेसबुक या अन्य) पर इस प्रकार की फोटो डालेंगे। गांव के युवा एवं सेठ मोतीलाल पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अजीत भाम्बू ने बताया कि सबसे पहले गांव के युवाओं का एक गुप बनाया।

#alipur is special village in rajasthan

अलीपुर, मालीगांव, नारनौद व धीरावाली ढाणी में दवा का छिड़काव करवाया। सभी को हेल्पलाइन नंबर जारी किए। अब जो भी जरूरतंद फोन कर रहा है या आशा सहयोगिनी, एएनएम, ग्रामसेवक से सूचना मिल रही है उनकी टीम जरूरतमंद तक हर प्रकार की सामग्री पहुंचा रही है। फोटो की मनाही इसलिए कर रखी है ताकि किसी के स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचे।

गौरीर: ताशपत्ती खेलने पर होगी कार्रवाई
खेतड़ी. गांवों में लोकडाऊन की पालना के लिए नवयुवकों की पहल पर ग्राम पंचायत गौरीर सक्रिय हुई। ग्राम विकास अधिकारी गौरीर राकेश ने बताया कि ग्राम पंचायत के गांव के सार्वजनिक स्थलों पर नोटिस चस्पा किए है तथा लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थन पर ताशपत्ती नहीं खेले। ताशपत्ती खेलने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त नोटिस में लिखा है कि बाहर से आने वाले लोगों की सूचना तुरन्त ग्राम पंचायत कार्यालय में दें।

अब 199 की जगह मिलेंगे 220 रुपए
झुंझुनूं. लॉक डाउन के दौरान नरेगा में निजी लाभ के स्वीकृत कार्यों पर श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा। एक अप्रेल से राज्य में महात्मा गांधी नरेगा श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 199 से बढ़कर 220 रुपए दी जाएगी। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से लॉकडाउन के दौरान एक साथ एक ही स्थान पर चार से ज्यादा मजदूरों को नहीं लगाया जाकर प्रत्येक मजदूर को अलग अलग स्थान पर काम दिया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान जिले मे गत पखवाड़े में प्रतिदिन श्रमिकों की उपस्थिति 20 हजार से घटकर 700 पर आ गई थी। ऐसे में जरूरतमंद परिवारों को रोजगार देने के लिए ग्राम पंचायत कार्यालयों में आवेदन प्राप्त किए जाकर लोगों को उनके घर के नजदीक रोजगार दिया जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।