गाय व भैंस के चारे व दानें में मिलावट थमेगी
झुंझुनूं. अब पशुओं की सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा। उनको भी उत्तम गुणवत्ता का पशुआहार व चारा मिल सकेगा। कोई भी व्यक्ति पशु आहार में मिलावट नहीं कर सकेगा। अगर कोई करेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा।
जिला मुख्यालय पर तीन नंबर रोड स्थित बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में पशु पौषाहार जांच प्रयोगशाला Feed testing lab बनेगी। इसका कार्य शुरू हो गया है। इसी वर्ष अक्टूबर में यह प्रयोगशाला बनकर तैयार हो जाएगी।
इनकी होगी जांच
यहां कोई भी व्यक्ति या व्यापारी तूड़ा, कड़बी, छानी, लूम, बांट, काकड़ा, खल, चूरी व अन्य सभी प्रकार के पशु आहार की जांच करवा सकेंगे। इसकी रिपोर्ट एक से चार दिन के बीच मिल जाएगी। अभी जिला मुख्यालय पर ऐसी कोई प्रयोगशाला नहीं होने के कारण जयपुर जांच करवानी पड़ती है। यह जांच आम पशुपालक नहीं करवा पाते। अधिकांश पशुपालकों को यह पता ही नहीं कि पशुआहार की जांच के लिए भी प्रयोगशाला होती है।
इसलिए पड़ी जरूरत
राष्ट्रीय पशु विकास अनुसंधान ने भैंसों पर एक अध्ययन कराया है। इसमें भैंस के खून में कैल्शियम, फॉस्फोरस और अन्य खनिजों की कमी पाई गई है। इन तत्वों की कमी भैंसों के दूध में भी पाई गई है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसके बाद पशु आहार के नमूने लेने की योजना तैयार की। जिन कंपनियों के पशु आहार में इन तत्वों की कमी पाई जाएगी, उन कंपनियों को इन तत्वों को पूरा करने के लिए लिखकर भेजा जाएगा। जिससे भैंसों में पाई जाने वाली कमियों को पूरा किया जा सके और दूध की गुणवत्ता को सुधारा जा सके।
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झुंझुनूं जिले में पशुधन
पशु संख्या
गोवंश 269096
भैंस वंश 347110
भेड़ 152990
बकरियां 442134
घोड़े/टट्टू 1294
गधे/खच्चर 1029
ऊंट 9195
***** 2979
खरगोश 1081
(पशु गणना 2019 के अनुसार)
इनका कहना है
पशु आहार जांच लैब का कार्य शुरू हो गया है। इस पर करीब पंद्रह लाख 21 हजार रुपए खर्च होंगे। नई तकनीक के उपकरणों से पशु आहार की जांच होगी। जांच में किसी आहार में गड़बड़ी मिली तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित होगी।
-रामेश्वर सिंह, संयुक्त निदेशक, पशुपालन