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बुहाना की पहली महिला प्रधान जो बनी पहली महिला सांसद

प्रथम महिला प्रधान संतोष अहलावत बनी। बाद में वे विधायक व जिले की पहली महिला सांसद भी बनी। दो बार नीता यादव एवं एक बार कविता यादव प्रधान बनी। हरपाल सिंह तीन बार प्रधान रहे।

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बुहाना की पहली महिला प्रधान जो बनी पहली महिला सांसद

बुहाना की पहली महिला प्रधान जो बनी पहली महिला सांसद


बुहाना. झुंझुनूं जिला के अंतिम छोर पर हरियाणा सीमा के साथ लगती बुहाना पंचायत समिति का पंचायती राज विभाग की तरफ से गठन 1959 में हुआ था। पंचायत समिति के पहले प्रधान प्रहलाद सिंह पुहानिया बने। वे करीब तीस साल तक प्रधान रहे। प्रधान के बाद पुहानिया जिला प्रमुख भी रहे। प्रथम महिला प्रधान संतोष अहलावत बनी। बाद में वे विधायक व जिले की पहली महिला सांसद भी बनी। दो बार नीता यादव एवं एक बार कविता यादव प्रधान बनी। हरपाल सिंह तीन बार प्रधान रहे। पंचायत समिति के गठन 1959 से अब तक बुहाना पंचायत समिति में 11 प्रधान बन चुके है। बुहाना पंचायत समिति में पूर्व में 25 पंचायत समिति सदस्य आते थे। लेकिन सिंघाना पंचायत समिति का नव गठन होने के बाद यहां से चुनाव लडऩे वाले पंचायत समिति सदस्यों की संख्या वर्तमान में 17 रह गई है। कोरोना महामारी के चलते समय पर पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव सम्पादित नहीं कराने के कारण वर्तमान में प्रशासक कार्यकाल के रूप में विकास कार्यो की बागडोर बीडीओ कृष्ण कुमार चावला एवं उनकी सरकारी टीम के हाथ में है।

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यह रही महिला प्रधान :
-संतोष अहलावत
-नीता यादव दो बार
-कविता यादव

इस प्रकार रहा प्रधान का कार्यकाल -
1. प्रहलाद पुहानिया 2-10-1959 से 18-7-1988
2. हरपाल सिंह 19-7-1988 से 26-7-91
3. बजरंग लाल नेहरा 14-2-95 से 10-2-2000
4. संतोष अहलावत 11-2-2000 से 9-2-2005
5. हरपाल सिंह 10-2-2005 से 23-9-2005
6. नीता यादव 24-9-2005 से 14-4-2006
7. हरपाल सिंह 15-4-2006-2-12-2007
8. नीता यादव 3-12-2007 से 8-6-2009
9 हरीकृष्ण यादव 9-6-2009 से 9-2-2010
10. रमेश कुमार 10-2-10 से 6-2-15
11. कविता यादव 7-2-2015 से प्रशासक काल तक

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जिसके पास नौ सदस्य, उसे मिलेगी प्रधान की कुर्सी

बुहाना पंचायत समिति में कुल सत्रह पंचायत समिति के वार्ड हैं। भाजपा ने सभी 17 वार्ड में अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। कांग्रेस ने पन्द्रह एवं बसपा ने तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। पंचायत समिति की कुल 17 सीटों के लिए 80 प्रत्याशी चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं।

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अनारक्षित प्रधान पद पर काबिज होने के लिए कांग्रेस-भाजपा ने पूरा दमखम लगा रखा है। प्रधान पद पर काबिज होने के लिए 9 पंचायत समिति सदस्यों का जादुई आंकड़ा होना जरूरी है। चुनावी समीकरणों की बात करें तो पंचायत समिति के 6 सीटों पर कांग्रेस एवं भाजपा के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। 3 सीटों पर कांग्रेस-भाजपा का गणित बसपा के प्रत्याशी बिगाड़ रहे है। आठ सीटों पर कांग्रेस, भाजपा एवं निर्दलीय एवं बसपा समर्थित प्रत्याशियों के बीच जोर-अजमाइश मानी जा रही है। राजनीति के जानकार लोगों का मानना है कि निर्दलीय प्रत्याशियों की बुहाना पंचायत समिति में प्रधान बनाने की अहम भूमिका रहेगी।