
बड़ा बदलाव, विदेश की नौकरी छोड़ देश में रिसर्च का मन बना रहे युवा वैज्ञानिक
उत्पल शर्मा
पिलानी (झुंझुनूं). केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के नव नियुक्त निदेशक डॉ पीसी पंचारिया का मानना है कि केन्द्र सरकार के मेक इन इंडिया अभियान के सुखद परिणाम अब आने लगे हैं। भारत में ऐसे उपकरणों का निर्माण होने लगा है जो सस्ते होने के साथ जनोपयोगी भी है। इस अभियान से युवा अब वापस शोध की तरफ रुख करने लगे हैं। अनेक युवा विदेशों में नौकरी छोड़ अपने देश में लौटने लगे हैं। गौरतलब है कि केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) पिलानी, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की एक संघटक प्रयोगशाला है। जिसकी स्थापना 1953 में हुई। नागौर जिले के मेड़ता सिटी कस्बे से 17 किलोमीटर दूर अराईएला गांव में जन्मे किसान परिवार से जुड़े पंचरिया से पत्रिका ने विशेष बातचीत की। पेश है मुख्य अंश...।
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सवाल : देश के वैज्ञानिक अनुसंधान के बारे मे बताएं?
जवाब : देश के वैज्ञानिक समुदाय द्वारा किए जा रहे अनुसंधानों से विश्व में भारत का सम्मान बढ़ा है। मेक इन इंडिया अभियान के सुखद परिणाम मिल रहे हैं। इसी से प्रेरित होकर देश में आत्मनिर्भर भारत की मुहिम चल रही है। हाल ही में सरकार ने एक सौ एक रक्षा उत्पादों के आयात पर रोक लगाने का निर्णय करते हुए इन्हें देश में ही विकसित करने की घोषणा की है। इसको लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं। देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश का वैज्ञानिक समुदाय जुटा है। जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
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सवाल : विश्व समुदाय में हम कहां स्टैण्ड करते हैं ?
जवाब : प्राचीन काल से ही विश्व में देश के ज्ञान का डंका बजता रहा है। पिछले कुछ दशकों में भारतीय तकनीक को विश्व में सराहना मिली है। पिछले दिनों हमारे इसरो ने दुनिया के 101 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित कर इतिहास बनाया।
सवाल : युवाओं को रिसर्च से जोडऩे के लिए किस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं?
जवाब : स्कूली शिक्षा से ही बच्चों को विज्ञान से जोडऩे की दिशा में काम चल रहा है। बीच के कुछ समय में युवाओं का रिसर्च क्षेत्र के प्रति रुझान कम रहा। अब कई स्तरों से प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके चलते हालिया प्रयासों के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। विदेशों से भी हमारे वैज्ञानिक स्वदेश लौटने का मन बना रहे हैं।
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सवाल : नई शिक्षा नीति को किस प्रकार देखते हैं?
जवाब : हाल ही में घोषित नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विज्ञान विषय के साथ कला वर्ग जैसे दूसरे विषय चुनने की आजादी के नवाचार से विज्ञान एवं समाज के बीच की दूरी कम होगी तथा मानव उपयोगी अनुसंधानों को बल मिलेगा।
सवाल : स्किल इंडिया के क्या परिणाम रहे?
जवाब : स्किल इंडिया अभियान को लेकर सीरी संस्थान की ओर से जयपुर में संचालित सेंटर ने अच्छा काम किया है। विशेष प्रकार के प्रोजेक्ट आदि के माध्यम से युवा शक्ति में छुपी प्रतिभा को जगाने का प्रयास किया गया।
सवाल : सीरी में हुए अनुसंधानों के बारे में बताएं?
जवाब : सीएसआइआर के तहत देश भर में 38 प्रयोगशालाएं हैं । सीरी पिलानी भी उनमें से एक है। देश के वैज्ञानिक समय-समय पर रक्षा अनुसंधान, खगोल विज्ञान एवं मानव स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में अनुसंधान कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। संस्थान की ओर से पिछले दिनों दूध स्कैनर, कैंसर जांच उपकरण, सस्ती बिजली निर्माण, पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम, जल शुद्धिकरण के लिए पारा मुक्त यूवी लैम्प जैसे अनेक उपकरण बनाए हैं। संस्थान के वैज्ञानिकों ने पहला स्वदेशी स्वेतश्याम टीवी, चन्द्रयान प्रथम के लिए ध्वनि संवेदक निर्माण का इजाद कर विश्व में देश को गौरव दिलवाया है।
सवाल : युवा पीढ़ी को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब : हमारे देश के युवा ऊर्जा का भंडार है। नया करने की इच्छाशक्ति भी है मगर सपनों में रंग भरने के लिए आवश्यकता के अनुसार साधना नहीं करते। आधे-अधूरे मन से किए गए प्रयासों से सफलता नहीं मिलती। सपनों को पंख लगाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से मेहनत की जाए तो मंजिल जरूर मिलती है।
Published on:
22 Aug 2020 11:18 pm
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