
अधिकारी-कर्मचारी या नगर मित्रों ने पट्टे की फाइलें रोकी तो बख्शा नहीं जाएगा-कलक्टर
झुंझुनूं. प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत नगर निकायों में पट्टे जारी करने के लिए तीसरा चरण शुक्रवार से शुरू हुआ। अभियान को सफल बनाने के लिए गुरुवार शाम को नगर परिषद में प्रशासनिक अधिकारियों, पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के बीच डेढ़ घंटे तक मंथन चला। कलक्टर ने कहा कि तीसरे चरण में नगर परिषद के किसी अधिकारी-कर्मचारी ने दुर्भावनापूर्ण किसी के पट्टे की फाइल रोकी तो सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा फाइलों पर लोगों से पट्टे बनवाकर देने के नाम पर रुपए लेने की शिकायतों पर कहा कि नगर मित्रों का मानदेय तय है। अगर किसी की इस प्रकार की शिकायतें आग गई तो बख्शा नहीं जाएगा। पिछले चरणों में पड़ौसी जिला सीकर आगे था। परंतु इस बार झुंझुनूं को पट्टे जारी करने के लिए आगे लेकर जाना है। पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधियों के पट्टे बनाने में आ रही दिक्कतों के बारे सभापति नगमा बानो और एसडीएम व अभियान के नोडल प्रभारी शैलेष खैरवा ने समाधान बताया। अभियान का तीसरा चरण 31 मार्च 2023 तक चलेगा।
अनिता खींचड़ रही नदारद
बैठक में कलक्टर लक्ष्मणसिंह कुड़ी, सभापति नगमा बानो, एसडीएम व आयुक्त शैलेष खैरवा, उप सभापति राकेश कुमार मौजूद रहे। परंतु अनिता खींचड़ के बैठक में नहीं पहुंचने की चर्चा रही।
पार्षदों की ओर से रखी गई समस्याएं....
प्रदीप सैनी-पुराने शहर में सात-आठ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां 2010-11 तक स्टेट ग्रांट के पट्टे जारी मिलते थे। अब स्टेट ग्रांट की जगह कृषि भूमि के पटटे बना रहे हैं। जबकि यहां के लोग कई दशकों से बसे हुए हैं। स्टेट ग्रांट के ही पटटे जारी किए जाएं।
राकेश झाझडिय़ा-पिछले अभियान के दौरान आवेदन किए हुई फाइलें दबकर रह गई हैं, पटटे जारी नहीं किए गए। उस वक्त 69ए में 900 से एक हजार वर्ग गज तक के पट्टे जारी करने के आवेदन कराए गए थे। परंतु अब तीन सौ वर्ग गज के ही पट्टे जारी किए जा रहे हैं।
साजिद व आजम भाटी-कई सालों वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसे लोगों को पट्टे जारी किए जाएं। इस पर कलक्टर ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर पट्टे नहीं दिए जा सकते हैं। इसक प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भिजवा देंगे। वहां से ही तय होगा क्या करना है।
प्रमोद कुमार -उनके वार्ड क्षेत्र में कई प्रकार की समस्याएं हैं। जिनका समाधान किया जाना चाहिए।
चंद्रप्रकाश शुक्ला-पटटों की कठिन प्रक्रिया को सरल किया जाए। नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी भी सही जवाब नहीं देते हैं। अभियान हर बार चलता है, समाधान कोई निकलता नहीं।
अजमत अली-नगर मित्रों की ओर से फाइलों को सीरीज के हिसाब से निकालना चाहिए और ना ही किसी की फाइल को रोकें।
-जुल्फीकार खोखर, विजय कुमार, भंवर अली, अब्दुला अगवान, कमलकांत शर्मा आदि ने पट्टों से जुड़ी समस्याओं को उठाया।
Published on:
15 Jul 2022 12:19 pm
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