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आप भी अपने बच्चों को बनाना चाहते हो पहलवान तो भेज दो शास्त्री के अखाड़े में

जयसिंहपुरा गांव के डॉ. वीरेन्द्र शास्त्री आस-पास के गांवों के बच्चों को कुश्ती के पहलवान बना रहा है। वह भी बिना किसी शुल्क के। उनके अखाड़े में कुश्ती के गुर सीखने वाले अनेक पहलवान राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके। कई खेल कोटे से सरकारी नौकरी भी लग चुके।

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आप भी अपने बच्चों को बनाना चाहते हो पहलवान तो भेज दो शास्त्री के अखाड़े में

आप भी अपने बच्चों को बनाना चाहते हो पहलवान तो भेज दो शास्त्री के अखाड़े में

सुभाष शर्मा

सिंघाना. यदि आप अपने बच्चों को पहलवान बनाने चाहते हो तो राजस्थान के झुंझुनूूं जिले के सुलताना अहीरान गांव का अखाड़ा आपका इंतजार कर रहा है। यहां बच्चों को कुश्ती के खिलाड़ी बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इसकी कोई फीस नहीं ली जाती। यह अखाड़ा पूरी तरह से निशुल्क है।
सुपर डूपर फिल्म दंगल में महावीर फोगाट अपनी बेटियों गीता और बबीता को पहलवान बनाते हैं। कुछ इसी तर्ज पर झुंझुनूं जिले के सुलताना अहीरान गांव में एक शिक्षक गांव के बच्चों को अपना बेटा मानकर पहलवान बना रहा है। यहां बालक और बालिकाएं पहलवानी के गुर सीख रहे हैं।
जयसिंहपुरा गांव के डॉ. वीरेन्द्र शास्त्री आस-पास के गांवों के बच्चों को कुश्ती के पहलवान बना रहा है। वह भी बिना किसी शुल्क के। उनके अखाड़े में कुश्ती के गुर सीखने वाले अनेक पहलवान राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके। कई खेल कोटे से सरकारी नौकरी भी लग चुके।

#dangal of jhunjhunu
डॉ शास्त्री हरियाणा के बसीरपुर के राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए पैतृक गांव जयसिंहपुरा स्थित आश्रम के पास अखाड़ा तैयार किया था। यहां गांव के बच्चों को कुश्ती के गुर सिखाना शुरू किया। कुछ कारणों से खुद के गांव की बजाय उन्होंने अपने गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर सुलताना अहीरान गांव में वर्ष 2003 में अखाड़ा शुरू किया। गांव के तत्कालीन सरपंच कृष्ण कुमार ने अपने खेत में खिलाडिय़ों के लिए अखाड़ा बनाने के लिए जमीन निशुल्क दी। जिसमें एक हॉल का निर्माण करवाया गया है।

#coach virendra shahtri
नेशनल में जीत चुके पदक

शास्त्री के अखाड़े के पहलवान जितेन्द्र यादव नेशनल चैम्पियन में रजत पदक विजेता रह चुके। इसके अलावा पंकज बुहाना, महावीर बुहाना सहित एक दर्जन से अधिक युवा यहां खेल सीखकर सरकारी नौकरी लग चुके। यहां कुश्ती के गुर सीखने वाली प्रीति व अंजू नाडिया राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी। वर्तमान में शास्त्री के अखाड़े में बीस युवक व चार बालिकाएं निशुल्क कुश्ती सीख रही हैं। शास्त्री खिलाडिय़ों को हर दिन सुबह-शाम कुश्ती सिखाते हैं। खुद के दोनों बच्चों को भी पहलवानी सिखा रहे हैं।

#sultan ahiran
खुद जीत चुके कई पदक
राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से से पीएचडी करने वाले डॉ. वीरेन्द्र शास्त्री संस्कृत के सरकारी शिक्षक हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में कई पदक जीत चुके हैं। वर्ष 2000 में पटना में हुई 15वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक, 2001 में कुरुक्षेत्र में 16वीं अखिल भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2002 में 17वीं महाराष्ट्र सर्किल खेल बोर्ड की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2003 में उड़ीसा में हुई 18वीं भारतीय डाक कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुके। इसके अलावा वर्ष 2009 में राजस्थान राज्य कुश्ती संघ की प्रतियोगिता में कांस्य पदक, हरियाणा में खेल विभाग की ओर से फरवरी 2020 में रजत पदक सहित कई पदक जीत चुके।


इसलिए खोल अखाड़ा
वीरेन्द्र शास्त्री ने बताया हमारा गांव हरियाणा की सीमा के निकट है। कई बार मैंने देखा कि बच्चे कम उम्र में ही नशा करने लगे हैं। फिर मन में खयाल आया कि यदि इनको खेलों से जोड़ दिया जो इनका ध्यान पढ़ाई के साथ खेलों में भी हो जाएगा। नशे से दूर हो जाएंगे। दिनचर्या बन जाएगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। इसी के चलते उन्होंने अखाड़ा खोल दिया।