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जल्दी धनवान बनने के लिए तोड़ रही सारी मर्यादाएं, सरकारी नर्सिंगकर्मी ही करवा रही अवैध प्रसव

किराए के घरों में करवा रहे जापा, ले रहे पांच सौ से दस हजार

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जल्दी धनवान बनने के लिए तोड़ रही सारी मर्यादाएं, सरकारी नर्सिंगकर्मी ही करवा रही अवैध प्रसव

गुंजन सिंह शेखावत/रमाकांत वर्मा. झुंझुनूं/मलसीसर.

सरकार जहां संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रही है, वहीं उन्हीं के नर्सिंगकर्मी चंद रुपए के लालच में जिले में अवैध रूप से प्रसव करवा रहे हैं। जल्द धनवान बनने के चक्कर में यह अपनी सारी मर्यादाएं तोड़ रहे हैं।कहीं प्रसव के पांच सौ रुपए लिए जा रहे हैं तो कहीं दस हजार।महिला के परिवार की हैसियत के अनुसार अलग-अलग रेट तय कर रखी है।
बेटी बचाओ अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार सम्मानित हो चुके जिले में अनाधिकृत रूप से प्रसव करवाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस काम में सरकारी नर्सिंगकर्मी भी लिप्त है। प्रशासन के दावों के बावजूद जिले में अनाधिकृत रूप से संचालित केंद्रों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। जिले में धड़ल्ले से अनाधिकृत प्रसव करवाए जा रहे हैं। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अनेक बार डिकॉय आपरेशन भी किए गए। कई नर्सिंगकर्मी पकड़े भी जा चुके हैं। इसके बावजूद अनाधिकृत केंद्र संचालित हो रहे हैं।

तीन सरकारी नर्सिंगकर्मी भी शामिल
पीसीपीएनडीटी एक्ट में कार्रवाई करते हुए बगड़ की सुनीता, चिड़ावा क्षेत्र की गंगा व भानुमति को गिरफ्तार किया गया था। वहीं प्राइवेट चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी, झोलाछाप चिकित्सकों को भी पकड़ा जा चुका है। एक्ट के तहत खेतड़ी क्षेत्र के डॉ. योगेश कुमार, रविसिंह, नरेंद्र, अवधेश पांडे, कुलदीप, मंजू, प्रबोध गुप्ता, प्रमिला, मीना सोनी, सीमा, डॉ. मुरारीलाल, डॉ. इम्तियाज, हनुमान, ख्याली, शिवराम गुर्जर, सुनील, फुलपति, संगीता के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। हाल ही में मलसीसर में मिली नवजात के मामले में भी प्रसव मलसीसर की ही एक सरकारी नर्सिंगकर्मी ने करवाया था।यह नर्सिंगकर्मी अभी गायब है।


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मलसीसर में दो माह में मात्र 16 प्रसव
जिले के मलसीसर में एक नर्सिंगकर्मी सरकारी अस्पताल की बजाय अपने किराए के घर में प्रसव करवा रही है। इसके लिए उसने किराए पर मकान ले रखा है।इस कारण सरकारी अस्पताल में जनवरी व फरवरी माह में केवल 16 प्रसव हुए हैं।


मलसीसर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र
1 जनवरी 2018 से दिसम्बर 2018 तक
कुल प्रसव - 199
बालक - 102
बालिका - 97
1 जनवरी 2019 से अब तक
कुल 16
बालक - 10
बालिका - 6

जिले में बालिका जन्म की स्थिति
वर्ष बालिका
2014 893
2015 903
2016 949
2017 953
2018 952
(प्रति एक हजार बच्चों पर)

ठोस सुराग के बावजूद आरोपित को नहीं पकड़ पा रही पुलिस
मलसीसर कस्बे में बुधवार शाम को बस स्टेण्ड स्थित बंकों के कुएं की गूण में मिली नवजात बच्ची के परिजनों का सुराग तो लग गया। लेकिन पुलिस मुख्य आरोपित युवक को अभी तक नहीं पकड़ सकी है।थानाधिकारी सत्यपाल यादव ने बताया कि मामले के सम्बन्ध में जानकारी जुटाने एवं परिजनों को पकडने के लिए पुलिस जांच में जुटी है। इधर बीसीएमओ डॉ राहुल सुमन ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच के लिए तीन सदस्यों की विशेष टीम बनाई गई है।


नवजात की तबीयत में सुधार
इधर बीडीके अस्पताल में भर्ती मलसीसर में मिली नवजात की तबीयत में अब सुधार है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वीडी बाजिया ने बताया कि नवजात की तबीयत में पहले से सुधार है। हालांकि उसे अभी श्वांस लेने में दिक्कत हो रही है। वहीं उसे दौरे भी आ रहे हैं। इधर, एसएनसीयू में नवजात की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी को भी लगाया गया है।

पत्रिका नहीं करेगा पहचान उजागर
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जिस बालिका ने इस मासूम को जन्म दिया है, उसके साथ गलत कार्य हुआ था।ऐसे में राजस्थान पत्रिका अपने सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए मासूम व उसकी मां की पहचान उजागर नहीं करेगा।


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