
राजस्थान के भड़ौंदा गांव में अपने कुल देवता के धोक लगाने के बाद ग्रामीणों से मिलते देवेन्द्र झाझडि़या ।
पेरिस में इसी माह से होने वाले पैरालंपिक खेलों में भारत के खिलाड़ियों के ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने की कामना को लेकर पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन देवेन्द्र झाझड़िया ने राजस्थान के झुंझुनूं जिले के भड़ौंदा गांव में अपने कुल देवता दादा पृथ्वीराज के धोक लगाई। पूजा अर्चना के बाद नारीयल का प्रसाद चढाया। पैरालंपिक में तीन बार के पदक विजेता देवेन्द्र ने कहा कि इस बार वह नहीं खेल रहे, टीम लेकर पेरिस जा रहे हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने झाझड़िया गौत्र के इतिहास की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रताप सिंह झाझड़िया, महावीर सिंह झाझड़िया, रिटायर्ड आरएएस चंदगीराम झाझड़िया, रामकुमार झाझड़िया, धर्मवीर, रणवीर, सुमेर, महेन्द्र सिंह,विनोद झाझड़िया, मोहर सिंह सोलाना, प्रताप सिंह किशोरपुरा, यजुवेन्द्र, भागीरथ सिंह, अरविंद व महेन्द्र पूनिया सहित जिले के अनेक गांवों के लोगों ने पदम भूषण देवेन्द्र झाझड़िया व अरविंद झाझड़िया का स्वागत किया।
झुंझुनूं. पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन देवेन्द्र झाझडि़या ने कहा कि पेरिस पैरालंपिक में भारत इस बार ज्यादा पदक जीतकर आएगा। खिलाडि़यों को तकनीकी के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत किया है। उनको अब पहले से ज्यादा सुविधाएं दी जाने लगी हैं। सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा। 19 अगस्त 2024 को झुंझुनूं आए झाझडि़या ने राजस्थान पत्रिका से बात की। पेश है मुख्य अंश।
सवाल: पेरिस पैरालंपिक में कितने खिलाड़ी जा रहे हैं, कैसी तैयारी है?
जवाब: पेरिस पैरालंपिक 28 अगस्त से 8 सितम्बर 2024 के बीच होंगे। भारत के खिलाडि़यों की शानदार तैयारी है। उनको तकनीकी के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत किया गया है।भारत के कुल 84 खिलाड़ी इसमें शामिल होंगे। टोक्यो में 54 खिलाडि़यों ने हिस्सा लिया था।
सवाल: एक अरब 40 करोड़ की आबादी वाले भारत ने पेरिस ओलम्पिक में कुल छह पदक जीते हैं, आपकी क्या तैयारी है?
जवाब: हमारा प्रयास है, चार गुना ज्यादा पदक जीतकर हमारे खिलाड़ी लाएं। इसके लिए हमने मिशन 25 नाम दिया है। उसी के अनुरूप तैयारी है। भारत इस बार 12 प्रकार के खेलों में हिस्सा लेगा।
सवाल: भारत में अभी श्रेष्ठ कोच व अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदानों व उपकरणों की कमी है?
जवाब: हमारे खिलाडि़यों में जीत का जज्बा है। जीत के लिए कोच व मैदान के साथ जज्बा भी चाहिए। भारत में खेलो इंडिया में श्रेष्ठ कोच भी मिल रहे हैं और अब तो छोटे जिलों व कस्बों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान बनने लगे हैं। झुंझुनूं का अंतरराष्ट्रीय ट्रेक भी खेलो इंडिया में ही बना है। खेलों में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है।
Updated on:
20 Aug 2024, 10:40 PM IST
Published on:
20 Aug 2024, 10:40 PM IST
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