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विश्व पृथ्वी दिवस आज : ये है शेखावाटी का झुंझुनूं जिला, क्षेत्रफल की दृष्टि से बहुत बड़ा लेकिन है रेतिला

झुंझुनूं जिले में कुल वन क्षेत्र 405.35 वर्ग किलोमीटर है। हालाकि इस वर्ष 855 हैक्टेयर में 3.92 लाख पौधे लगाए गए है।

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earth day 2018 special coverage of jhunjhunu district

झुंझुनूं.

झुंझुनूं जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से भले ही काफी फैला हुआ हो लेकिन इसका वन क्षेत्र काफी कम है। यही कारण है कि जिले का अधिकांश भाग रेतिला है और यहां पर पर्यावरण की स्थिति भी काफी बिगड़ी हुई है। झुंझुनूं जिला करीब 5926 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जिले का वन क्षेत्र दस प्रतिशत भी नहीं है। जिले में कुल वन क्षेत्र 405.35 वर्ग किलोमीटर है। हालाकि इस वर्ष 855 हैक्टेयर में 3.92 लाख पौधे लगाए गए है।


33 प्रतिशत होना चाहिए
किसी भी जिले में राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार एक तिहाई यानी कुल 33 प्रतिशत भू भाग में वन क्षेत्र होना चाहिए, लेकिन झुंझुनूं में केवल आठ प्रतिशत भू भाग पर ही वन क्षेत्र है।


पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका
पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सबसे अहम भूमिका हमारे वन क्षेत्रों की होती है। जब पर्याप्त वन क्षेत्र होंगे तब ही पर्यावरण का संतुलन हो सकता है। अगर वन क्षेत्र ही पर्याप्त नहीं होंगे तो पर्यावरण पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।


राज्य वन नीति के अनुसार भी नहीं
राज्य वन नीमि के अनुसार भी झुंझुनूं में पर्याप्त वन क्षेत्र नहीं है। इसमें भी नीति के अनुसार करीब 12 प्रतिशत की कमी है। पर्यावरण वन अधिनियम 1972, 1980 एवं 1986 के तहत करीब 33 प्रतिशत भू भाग में वन क्षेत्र होना चाहिए।
सामूहिक है जिम्मेदारी पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास की जिम्मेदारी केवल सरकारों की नहीं है आम आदमी भी इस दिशा में जागरूयक होना होगा। पर्यावरण संतुलन के लिए हर औद्योगिक इकाइयों के आसपास भी औद्योगिक क्षेत्र के भू-भाग के 33 प्रतिशत में पौधे लगे होने चाहिए। वहीं लोगों को अपने घरों के बाहर भी पेड़ पौधे लगाने चाहिए।


नहीं हो रही नियमों की पालना
शहर के निकट ही औद्योगिक क्षेत्र बना हुआ है लेकिन यहां पर पर्यावरण नियमों की खुलकर अनदेखी की जा रही है। अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में पौधे पर्याप्त संख्या में नहीं लगाए गए है। जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। नियमानुसार किसी भी औद्योगिक इकाई को उसके भूभाग के 33 प्रतिशत हिस्से में पेड़ लगाना जरूरी है लेकिन यहां पर नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है।


नहीं हो रहे सार्थक प्रयास
जिले में वन क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए न तो सरकार कोई कदम उठा रही है और ना ही कोई सामाजिक संगठन इस दिशा में कोई काम कर रहा है। जिसके चलते दिनों दिन पर्यावरण बिगड़ रहा है।


इनका कहना है...
नियमानुसार कुल क्षेत्रफल के 33 प्रतिशत भू-भाग पर वन क्षेत्र होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता धरातल से बहुत अलग है। सरकार राजनीतिक कारणों के तहत वन क्षेत्र को बढ़ा नहीं रही है। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों में भी इस नियम की अनदेखी की जा रही है। -बाबूलाल जाजू, पर्यावरण विद् एवं प्रदेश प्रभारी पीपूल्स फॉर एनिमल्स भीलवाड़ा


नहीं बढ़ाया जा सकता वन क्षेत्र
झुंझुनूं जिले में 405.35 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वर्तमान वन क्षेत्र फैला हुआ है। इसे बढ़ाने का नियम नहीं है। -आर. एन. मीणा, डीएमओ, झुंझुनूं

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