
फूलों की खेती: एक बीघा में साठ हजार की आय
Floriculture In Pachalangi
पचलंगी. यदि आप फूलों की आधुनिक खेती सीखना चाहते हो। एक बीघा में साठ हजार या इससे ज्यादा की आय प्राप्त करने का तरीका जानना चाहते हो तो राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी के निकट पचलंगी गांव में चले आइए। यहां के आस-पास के अनेक गांवों में फूलों की खेती से किसान निहाल हो रहे हैं। उनकी आय बढऩे लगी है। कम पानी होने के बावजूद किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में फूल की खेती मुख्य फसल बन रही है। बलराम सैनी, सीता सैनी, प्रभात सैनी, काटलीपुरा, कृष्ण गोपाल सैनी, पुष्पा सैनी, बाघोली सहित अन्य फूल की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि पहले यह फूल की पौध गांव स्तर तक ही पूजा पाठ के लिए उगाए जाते थे।
लेकिन धीरे-धीर यह खेती का रूप लेकर मुख्य फसल में बदल गई। फूलों की खेती करने वाले किसानों ने बताया कि गेंदे की खेती पहाड़ी इलाके के साथ खेतड़ी, नवलगढ़ उपखण्ड के गावोंं में भी बड़े पैमाने पर हो रही है। इस बार बम्पर बिक्री की उम्मीद है।
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अलग-अलग रंग
किसानों ने बताया कि इस बार दीपावली पर फूलों की ब्रिक्री अधिक होने की उम्मीद है । गेंदे में तीन रंग अधिक होते हैं, जिनमें केसरिया, लाल व पीला नींबू कलर होता है। यहां स्थानीय बा•ाारों में केसरिया व ऑरेंज कलर की मांग अधिक होती है। बाजारों में खुले फूल की बजाय माला की मांग अधिक रहती है। इसलिए माला बना कर बाजार में बेचनी पड़ती है। अच्छी मांग होने पर 15 -20 रुपए प्रति माला के मिल जाते हैं। अच्छी पैदावार व बाजार में सही मांग होने पर प्रति बीघा 50 से 60 हजार रुपए की आमदनी होती है।
बलराम सैनी ने जानकारी दी कि गेंदे की पौध तैयार करने का समय अगस्त माह होता है। बीज रोपण के बीस- पच्चीस दिन बाद पौध को उखाड़ कर क्यारियों में लगा दिया जाता है तथा तुरन्त सिंचाई की जाती है। हाई ब्रीड बीज की कीमत 1800 से 2500 रुपए प्रति एक हजार बीज होती है तथा देशी बीज 400 रुपए प्रति पच्चास ग्राम की कीमत से मिलता है।
Published on:
20 Oct 2022 10:15 pm
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