
लोगों को मरते देख आइएएस और आइपीएस बहन-भाई करने लगे कोरोना का इलाज
#ias sister and ips brother
फिर निभाने लगे डॉक्टर की भूमिका
राजेश शर्मा
झुंझुनूं. यह हैं मंजू श्योराण और अनिल कुमार श्योराण। दोनों सगे भाई बहन। बहन आइएएस और भाई आइपीएस। भाई की ड्यूटी यूपी में, बहन की राजस्थान में। अब कोरोना काल में दोनों भाई बहन अपने पद के साथ डॉक्टर की भूमिका भी निभा रहे हैं। दोनों भाई बहन एमबीबीएस हैं। दोनों झुंझुनूं जिले के अलसीसर के निकट रामू की ढाणी के रहने वाले हैं।
भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी मंजू श्योराण जाखड़
ने एमबीबीएस करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की।
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अखिल भारतीय स्तर पर उसकी रैंक 59वीं थी। उसे मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया था। उसका ससुराल गुढ़ागौडज़ी के पास है सौंथली गांव में है।
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मंजू अभी उदयपुर जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) है। वह सीइओ का कार्य संभालने के साथ-साथ उदयपुर जिले में ऑक्सीजन की बर्बादी रोककर ज्यादा मरीजों तक प्राणवायु पहुंचा रही है। उसे मेडिकल कॉलेज उदयपुर में लगा रखा है। वह नियमित कोरोना मरीजों को भी देख रही है। उनका उपचार कर रही है।
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वर्दी वाला डॉक्टर
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (आइपीएस)अनिल कुमार श्योराण उत्तरप्रदेश के कानपुर में एडीसीपी यातायात हैं। वे यातायात का कार्य संभालने के साथ ही कोरोना के प्रभारी का कार्य भी देख रहे हैं। वे हर दिन ओपीडी में कोरोना मरीजों को भी देख रहे हैं। उनका उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कानपुर में कोविड अस्पताल भी बनवा दिया है। उनके अस्पताल में भर्ती होकर करीब 400 मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके। अधिकतर मरीज पुलिसकर्मी व उनके परिजन हैं। कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने डॉ अनिल श्योराण को कोरोना सेल का प्रभारी बना दिया है। अनिल ने जोधपुर के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद कुछ दिनों तक दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में नौकरी भी की है।
Published on:
11 May 2021 08:08 pm
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