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शेखावाटी में यहां पर 5 हजार दिव्यांगों के साथ हुआ बहुत बड़ा अन्याय, आंसू बहाने को हुए मजबूर

सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के पास आईडी बनाने की सूची में दिव्यांगों की 16 श्रेणियों को शामिल नहीं किया गया है।

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Divyang

मनीष मिश्रा झुंझुनूं. जिलेभर के करीब पांच हजार दिव्यांगों को यूनिक आईडी के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ सकता है।सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के पास आईडी बनाने की सूची में दिव्यांगों की 16 श्रेणियों को शामिल नहीं किया गया है। इस कारण उनको सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है। क्योंकि सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं, और अब करीब पांच हजार दिव्यांगों को यूनिक आईडी कार्ड नहीं होने से योजनाओं का फायदा लेने में दिक्कत आ सकती है।


जानकारी के मुताबिक पण्डित दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन अभियान के तहत जिलेभर में चिन्हित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था।जिसका मुख्य उद्देश्य भारत सरकार की यूडीआईडी योजना के तहत यूनिक कार्ड जारी करना आदि था।सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिलेभर में करीब 21604 दिव्यांगों को रजिस्टर्ड किया गया था।


केवल पांच श्रेणियों के आदेश


विभाग के अधिकारियों की माने तो सरकार की ओर से फिलहाल पांच श्रेणियां दृष्टि बाधित, अल्प दृष्टि, श्रवण बाधित, चलन निशक्तता, ऑटिज्म को ही शामिल किया है।इस श्रेणी में जिले के करीब 16357 दिव्यांग रजिस्टर्ड है।

16 श्रेणी वालों के लिए आदेश नहीं
सरकार की ओर से अभी तक 16 श्रेणी वाले दिव्यांगों के संबंध में अभी तक कोई निर्देश नहीं दिए जाने से इस श्रेणी में शामिल लोगों को परेशानी में डाल दिया है।इसमें कुष्ठ रोग से मुक्त, बौनापन, बौद्धिक निशक्तता, मानसिक रोगी, सेरेबल पॉल्सी, मांसपेशी दुर्विकास, क्रोनिक लर्निग डिसऐबिलिटी, मल्टी स्कलेरोसिस, वाक व भाषा निशक्तता, थैलेसिमिया, हीमोफिलिया, सिकल सैली डिजीज, बहु निशक्तता, तेजाब हमला पीडि़त, पार्किसंस रोग। इस श्रेणी में पांच हजार से अधिक दिव्यांग रजिस्टर्ड है।

योजना का उद्देश्य
पण्डित दीन दयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन अभियान का उद्देश्य विशेष योग्यजनों का चिन्हिकरण करना, निशक्तता प्रमाण जारी करना, पात्रता के अनुसार कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण उपलब्ध कराना, पेंशन, बस, रेल, ऋण, पालनहार आदि योजनाओं से लाभांवित कराना, सरकार की ओर से जारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर लाभ देना, राज्य में रहने वाले विशेष योग्यजनों का डाटा बेस तैयार करना शामिल है।

इनका कहना है...
&दिव्यांगों की 16 श्रेणियों के सम्बंध में अभी तक केन्द्र सरकार की ओर से निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। पांचों श्रेणियों के लिए जिलेभर में शिविर लगाए जा रहे हैं।
-पवन पूनियां, सहायक निदेशक सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग

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