
ननद-भाभी कर रही खेती में नवाचार
महावीर टेलर@नवलगढ़.
खेती के नवाचार के मामले में अब तक पुरुषों का दखल था, लेकिन यहां की महिलाएं भी कमाल दिखा रही है। ननद भाभी की यह जोड़ी नवाचार कर रही है। इनका नवाचार देखना हो तो नवलगढ़ की जग्गुका वाली ढाणी चले आए। यहां पर संतोष व उनकी ननद निकिता कटारिया धनिया, मैथी की नई तरीके से खेती कर रही है। जग्गुकावाली ढाणी निवासी संदीप कटारिया की एमएससी तक पढ़ी लिखी पत्नी संतोष व उसकी ननद निकिता कटारिया ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उन्होंने प्रयोग के तौर पर धनिया व मैथी के बीज को पानी से भरे प्लास्टिक के बर्तन में डाल दिया। जैसे ही वह अंकुरित हुआ उसकी जड़े निकली तो उसको एक छिद्रनुमा प्लास्टिक के बर्तन में रख दिया। वहीं उसके नीचे एक दूसरे बर्तन में पानी डाल दिया। पानी में जड़े रहने के कारण दोनों के पौधे तेजी से बढ़वार करने लगे। उनका यह प्रयोग सफल हुआ। हालांकि इसमें उन्होंने हरित गृह विशेषज्ञ राजेश कुमार से भी समय-समय पर निर्देशन लिया। वर्तमान में भी वे इस नवाचार को अपनाकर कम समय में ही बिना मिट्टी के ही धनिया व मैथी की उपज ले रही है। उन्होंने बताया कि इस नवाचार के बारे में वे अन्य किसानों को भी बता रही है।
टहनी से तैयार करती है पौध
संतोष व निकिता ने अपने बलबूते पर घर के एक कौने को पौधों से हराभरा कर रखा है। वे नए नवाचार से धनिया व मैथी उगाने के साथ ही विभिन्न किस्मों के पेड़ की कटिंग से घर में पौधे भी तैयार कर रही है। उनकी ओर से घर में अमरुद, नींबू, मीठा नीम, जामून, आंवला, गुड़हल, अनार, अशोक, साइकस, पामट्री आदि के पौधे टहनियों से ही तैयार कर रखे हैं। उन्होंने बताया कि बीज से पौधा बनने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में उन्होंने एक नवाचार करते हुए पेड़ की कटिंग से ही पौध तैयार करने का निर्णय किया। उनकी ओर से की गई मेहनत रंग लाई। उनके घर में विभिन्न किस्मों के पौधे तैयार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पौधे तैयार कर वे निशुल्क ही लोगों को वितरित करती है। लॉकडाउन हटने के बाद क्षेत्र के राजकीय कार्यालयों के लिए भी उनकी ओर से तैयार किए गए इनडोर प्लांट निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।
ऐसे तैयार करती खाद
उन्होंने बताया कि बढ़वार के समय इन पौधों में देने के लिए वे घर पर ही फू्रट वेस्ट मेटेरियल जैसे केले, सेव, अमरूद आदि के छिलकों से तैयार खाद काम मे लेती है। इसके अलावा नीम व एलोवेरा का लिक्विड तैयार कर इसको इन प्लांट पर छिड़काव करती है। ताकि प्लांट में किसी तरह के किटाणुओं से कोई नुकसान नहीं हो।
Published on:
06 May 2020 05:00 am
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