
देवाशीष बचपन में मां से कहता था बड़ा अफसर बनूंगा, खूब पढ़ाई की, अब 347 वीं रैंक, बन सकते हैं आइपीएस
देवाशीष बचपन में मां से कहता था बड़ा अफसर बनूंगा, खूब पढ़ाई की, अब 347 वीं रैंक, बन सकते हैं आइपीएस
झुंझुनूंञ्चपत्रिका. शहर में डीटीओ ऑफिस के निकट स्थित पुरा की ढाणी के रहने वाले जीवन देवाशीष बेनीवाल की यूपीएससी की ओर से आयोजित परीक्षा में आल इंडिया में 347 वीं रैंक आई है। पिता राजेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि बीटेक जयपुर से किया। वर्तमान में वे भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में है। बीकानेर में रेलवे में तैनात है। मां का नाम श्रवणी देवी सीरियासर कलां व राजेन्द्र बेनीवाल देरवाला में शिक्षक हैं। बड़ा भाई रवीश गांगियासर के ग्रामीण बड़ौदा बैंक में शाखा प्रबंधक है। पत्नी कल्पना चूरू के राजकीय बागला स्कूल में व्याख्याता है। मां ने बताया कि बेटा हमेशा कहता था कि वह पुलिस का अधिकारी बनेगा। अब रैंक को देखते हुए आइपीएस मिलने की संभावना है। लाडले के सिविल सेवा में चयन होने पर पूरे घर में खुशियां मनाई गई। मिठाई बांटी गई।
गौरीर के भावेश की 371 वीं रैंक
चिड़ावाञ्चपत्रिका. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से जारी सिविल सेवा परीक्षा 2021 के फाइनल परिणाम में गौरीर निवासी भावेश पुत्र हनुमान चौधरी ने ऑल इंडिया में 371 वीं रैंक हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली। भावेश ने सफलता हासिल करने के लिए प्रतिदिन 13-14 घंटे नियमित अध्ययन किया। उनकी मौसी व चिड़ावा प्रधान इंद्रा डूडी ने बताया कि भावेश बचपन से ही पढ़ाई में हौनहार रहा। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी प्रधान डूडी के पुत्र आईएएस जितेंद्र डूडी के साथ पदस्थापन स्थल सांगली (महाराष्ट्र) में रहकर की। भावेश को तैयारी में आईएएस मौसेरे भाई डूडी से काफी मदद मिली। भावेश ने सफलता का श्रेय आर्मी से रिटायर्ड पिता हनुमान चौधरी, माता अध्यापिका बिमला, चिड़ावा प्रधान मौसी इंद्रा डूडी, सहीराम डूडी, मौसेरे भाई जितेंद्र डूडी, आईपीएस आंचल, बहन ईलू डूडी, स्वेता डूडी को दिया। लाडले के सिविल सेवा में चयन होने पर पूरे घर में खुशियां मनाई गई। मिठाई बांटी गई।
सालम का बास की निशा की 504वीं रैंक
चिड़ावा/सूरजगढ़.सूरजगढ़ क्षेत्र के सालम का बास निवासी निशा फोगाट पुत्री विजय ङ्क्षसह फोगाट ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 के फाइनल परिणाम में 504 वीं रैंक हासिल की। महज 23 वर्षीय निशा की उच्च शिक्षा दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूर्ण हुई। उनके पिता विजय ङ्क्षसह दिल्ली पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। निशा को दूसरे प्रयास में सफलता मिली।
Published on:
31 May 2022 02:22 pm
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