
नगर परिषद झुंझुनूं
राजस्थान के झुंझुनूं शहर में जमीनों के भाव आसमान को छू रहैं। नगर परिषद के इतिहास में पहली बारएक लाख 82 हजार 852 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से खाली भूखंड बिका है। यह भूखंड करीब 177.67 वर्ग मीटर का है। इसकी के लिए एक व्यक्त नगर परिषद में इस भूखंड के एवज में करीब 3.24 करोड़ रुपए जमा करवाएगा। नगर परिषद ने बस स्टैंड के पास एक 177.67 वर्ग मीटर के भूखंड की पहली बार ई-ऑक्शन नीलामी की। इस नीलामी में छह बोलीदाता शामिल हुए। जिन्होंने दो रात ई-ऑक्शन में हिस्सा लिया और 9 हजार 952 से शुरू हुई बोली को 1 लाख 82 हजार 852 रुपए तक ले गए। आयुक्त अनिता खींचड़ ने बताया कि नगर परिषद ने अपने दो भूखंडों का पहली बार ई-ऑक्शन किया। बस स्टैंड के पास और प्रताप नगर स्कीम, दोनों जगह एक-एक भूखंड की बोली ई-ऑक्शन के जरिए 3 जुलाई 2024 से शुरू की गई थी। जो 12 जुलाई की शाम चार बजे तक लगाई जा सकती थी। बस स्टैंड के पास 177.67 मीटर का प्लॉट था। जिसकी आरक्षित दर 4400 रुपए थी। लेकिन नगर परिषद ने आरक्षित दर से लगभग दोगुना, 9952 रूपए प्रति वर्ग मीटर की दर से ई-ऑक्शन के लिए भूखंड को खुली बोली के लिए रखा। इस बोली का अंतिम समय 12 जुलाई को शाम चार बजे तक था। लेकिन इसके बाद भी करीब 37 घंटे 52 मिनट तक इसमें 2810 बार बोली लगी और अंत में 9952 रूपए से शुरू हुई बोली एक लाख 82 हजार 852 रूपए पर जाकर 14 जुलाई को सुबह पांच बजकर 52 मिनट पर बंद हुई। अंतिम बोलीदाता डॉ. अजय कुमार ढाका रहे। जो अब नगर परिषद में इस भूखंड के एवज में करीब 3.24 करोड़ रुपए जमा करवाएंगे।
ई-ऑक्शन में 12 जुलाई को शाम चार बजे तक तो कोई भी बोलीदाता, कभी भी बोली लगा सकता था। लेकिन 12 जुलाई की शाम चार बजे बाद बोली लगाने के बाद यदि 10 मिनट बाद कोई बोली नहीं लगाता है तो अंतिम बोली को ही फाइनल राशि मान ली जाती। ऐसे में 12 जुलाई की शाम चार बजे बाद से 14 जुलाई को सुबह पांच बजकर 52 मिनट तक हर 10 मिनट में छह बोली दाताओं ने बोली लगाई। इसलिए दो दिनों तक रातों जगकर भी बोली लगाई गई। यदि 10 मिनट का समय निकल जाता तो अंतिम बोली को ही फाइनल राशि मांग ली जाती। यही कारण है कि इस भूखंड पर 2810 बार बोली लगाई गई।
आयुक्त अनिता खींचड़ ने बताया कि बस स्टैंड के पास 177.67 वर्ग मीटर जगह पर 2021 से पहले कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। तब उन्होंने ही अपनी टीम के साथ इस जगह को ना केवल अतिक्रमण से मुक्त करवाया। बल्कि इस भूखंड पर बोर्ड और तारबंदी करके सुरक्षित किया। अब ई-ऑक्शन में यही भूखंड सवा तीन करोड़ रूपए का राजस्व नगर परिषद को देकर गया है।
आयुक्त ने बताया कि बस स्टैंड के पास वाला यह भूखंड अब तक का संभवतया सबसे महंगा भूखंड है। क्योंकि 1 लाख 82 हजार 852 प्रति वर्ग मीटर से कोई भी भूखंड अब से पहले तक नगर परिषद ने नहीं बेचा है। अब शहर में रिंग रोड बनेगा। इससे झुंझुनूं से मंडावा मार्ग के बीच की जमीनों, डीटीओ ऑफिस के निकट, दीनदयाल नगर, महावीर नगर, केवीके आबूसर आदि क्षेत्र का महत्व बढेगा।
ई-ऑक्शन में दूसरा भूखंड प्रताप नगर स्कीम में रखा गया था। जिसे लेकर भी बोलीदाताओं में उत्साह देखा गया। 181.15 वर्ग मीटर के इस भूखंड के लिए आरक्षित दर 4070 रुपए प्रति वर्ग मीटर थी। लेकिन ई-ऑक्शन में इसकी दर करीब तीन गुना ज्यादा 13 हजार 470 रखी गई थी। जिसकी बोली भी तीन जुलाई से शुरू की गई थी। लेकिन इसमें अंतिम बोली 12 जुलाई को शाम चार बजकर 23 मिनट पर लगाई गई। जो निर्धारित समय से 23 मिनट ही ज्यादा चली। इस भूखंड से नगर परिषद को एक करोड़ पांच लाख रूपए की राजस्व की प्राप्ति होगी।
अक्सर भूखंडों की नीलामी के लिए नगर परिषद इससे पहले तक टैंट आदि लगाकर नीलामी करवाती थी। जिसके लिए ना केवल खर्चा लगता था। बल्कि अधिकारी और कर्मचारी भी घंटों तक नीलामी करवाने में व्यस्त रहते थे। लेकिन पहली बार नगर परिषद ने ई-ऑक्शन करवाकर करोड़ों की आमदनी भी की है
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ई-ऑक्शन से पहली बार नगर परिषद ने अपने दो भूखंडों की नीलामी की है। एक भूखंड की सर्वाधिक 1.82 लाख प्रति वर्ग मीटर की बोली लगी है। बोलीदाताओं ने करीब 38 घंटे नॉन स्टॉप बोली लगाई है। जिनमें दो पूरी रात शामिल है। नगर परिषद को इन दो भूखंडों से करीब 4.29 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होगा। जिससे शहर में विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। आगे भी भूखंडों की नीलामी ई—ऑक्शन के जरिए करवाएंगे।
- अनिता खींचड़, आयुक्त, नगर परिषद, झुंझुनूं
Updated on:
17 Jul 2024 12:47 pm
Published on:
17 Jul 2024 12:46 pm
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