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धीर सिंह ने बसाया डाबडी धीर सिंह

अलसीसर. जिला मुख्यालय झंझुनूं से 23 किमी उत्तर व ब्लॉक मुख्यालय अलसीसर से दस किलोमीटर पूर्व में स्थित है ।

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धीर सिंह ने बसाया डाबडी धीर सिंह

धीर सिंह ने बसाया डाबडी धीर सिंह

धीर सिंह ने बसाया डाबडी धीर सिंह
अलसीसर. जिला मुख्यालय झंझुनूं से 23 किमी उत्तर व ब्लॉक मुख्यालय अलसीसर से दस किलोमीटर पूर्व में स्थित है ।
डाबडी धीर सिंह गांव का इतिहास
जयपुर रियासत का आखरी ग्राम जिसकी बसावट झुंझुनूं के शासक शार्दुल सिंह के लड़के जोरावर ङ्क्षसह के पुत्र किर्ति सिंह के पुत्र धीरसिंह ने 1610 में बसाया था । उनके नाम से जाना जाता है डाबडीधीर सिंह गांव।
सभी जातियों की बसावट
यहां हिन्दू मुस्लिम व सभी जातियां रहती थी। जिसमें गांव में नूनिया गोत्र के जाटों की बहुतायत थी। जो सभी दूसरी जगह जाकर बाद में बस गए। यहां बड़ी मंडिया लगती थी जो आय का जरिया थी व कृषि होती थी। सेठों की हवेलियां धर्मशालाएं आज भी उनकी याद दिलाती है। आज एक भी वैश्य परिवार गांव में नहीं रहते। सभी बड़े शहरों में चले गए। जिनमें प्रमुख लाल इमली वाला, खेतान, लाठ गोत्र थे ।
गांव के मध्य ठाकुर धीर सिंह का बनाया गढ़ खंडहर हो चुका है। दो बुर्ज आज भी उस जमाने की याद दिलाती है। उसके बाद ठाकुर गाडसिंह द्वारा बनाया गढ़ आज भी सही स्थिति मेें है। उसमें उनके वंसज रह रहे है ।
प्रतिभाएं जिनने गांव को दी पहचान
गांव में अधिकतर युवाओं का फ ौज की तरफ रूझान था। गांव के विजय सिंह पहले अंग्रेज आर्मी में अफ सर थे जो महारानी विक्टोरिया क्रॉस अवार्ड से सम्मानित थे ,कर्नन हरनाथ ङ्क्षसह मानगार्ड जयपुर में ब्रिगेडियर थे। उस के बाद भारतीय सेना में कर्नल के पद पर 10 वर्ष उसके बाद भारत के राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद के समय राष्ट्रपति भवन के हाऊस ऑफ कन्ट्रोलर रहे। इसके अलावा मेजर उमराव सिंह, कर्नन श्याम सिंह, मेजर केशरी सिंह, मेजर नरपत सिंह, कैप्टन बजंरग सिंह, कै प्टन डाल सिंह, कैप्टन प्रताप ङ्क्षसह, सुबेदार रणजीत ङ्क्षसह, सुबेदार मदनङ्क्षसह, सुबेदार जयसिंह और एनसियोज की पोस्ट पर रहे जगत सिंह, मोती ङ्क्षसह, हनुमान ङ्क्षसह, राजेन्द्र सिंह, शुभकरण बारी, प्रभुराम नाई, रामदेव सिंह बारी, सलेदी सिंह, मदन ङ्क्षसह, सरदार ङ्क्षसह, बिसन सिंह, सतपाल सिंह, हरिराम धानक, खेतान परिवार का अशोक कुमार अब प्रवासी है। कर्नल की पोस्ट पर रहा सिविल सर्विस में जोईन्ट रजिस्ट्रार सुमेर सिंह ,डिप्टी डाईरेक्टर डॉ प्रेमसिंह, प्रिसीपल मदन सिंह, अध्यापक फूल सिंह, अध्यापक भगुताराम मेघवाल व चिकित्सा विभाग में बख्तावर सिंह, ग्राम सेवक उम्मेद सिंह, श्याम सिंह ,विधुत निगम से बिसन सिंह, सागर सिंह, दुलिचन्द ,बैक मनेजर रणवीर सिंह, पोस्ट ऑफि स से प्रभुसिंह , एक्सीयन बजरंग सिंह ,सेसन कोर्ट से निरंजन सिंह सेवानिृवत है ।

एडवोकेट सुरेन्द्र सिंह शेखावत जो लगातार तीन बार सरपंच रहे ने बताया कि राजनीति में भी यहंा के लोग काफ ी सक्रि य रहे हेम सिंह शेखावत लगभग 20 -22 वर्ष तक पंचायत समिति अलसीसर के प्रधान रहे,18 वर्ष तक जिला कांग्रेस कमेटी झुंझुनूं के अध्यक्ष रहे,40 वर्ष तक सरपंच व जिला परिषद के सदस्य व ग्रामीण बैंक झुंझुनूं सीकर व चूरू के मनोनीत निदेशक रहे ।

सुविधाएँ
उच्च माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र, पानी की सप्लाई के लिए 10 सरकारी टयूबेल, पोस्ट ऑेफि स, बिजली, सड़क, बैक सहित भारत सरकार द्वारा अधिकृत कॉमन सर्विस सेन्टर

धार्मिक स्थल
पुराना डाबडी बसावट के समय से भोमीयाजी का मन्दिर, बालाजी धाम के नाम से बालाजी का मन्दिर बने हुए हैं।

गांव की मुख्य समस्या
पानी फ लोराईड युक्त पानी है। इसलिए कुम्भाराम योजना का इंतजार, डाबड़ी धीर सिंह से ब्लॉक मुख्यालय व उपखण्ड मुख्यालय तक सड़क की भी कमी है ।

फै क्ट फ ाइल 2011 के अनुसार :-
जनसंख्या -3407
(पुरूष- 1992 महिला- 1715)
औसत साक्षरता दर - 61.5 प्रतिशत
(पुरूष साक्षरता - 36.1 प्रतिशत , महिला साक्षरता - 22.7 प्रतिशत )
कुल घर - 600
गांव की कुल भूमि - 1847.08 हैक्टेयर