
Jhunjhunu News : जिले की बालिकाओं में अब कुपोषण नहीं रहेगा। इसके लिए एनिमिया मुक्त किशोरी बालिका अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत बालिकाओं को मोरिंगा (सहजन) का पावडर खाने के लिए दिया जाएगा। महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर महिला अधिकारिता विभाग की ओर से जिला कलक्टर चिनमयी गोपाल के निर्देशन में 24 जनवरी को 1 हजार बालिकाओं को प्रतीकात्मक रूप से मोरिंगा पाउडर के पैकेट वितरित किए जाएंगे। इसके बाद अन्य पैकेट मंगवाए जाएंगे। यह पैकेट मसाला अनुसंधान केन्द्र तबीजी अजमेर से मंगवाए गए हैं। मोरिंगा को अंग्रेजी में ड्रमस्टिक कहा जाता है। इसे सहजन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक बेहतरीन सुपरफूड है। आयुर्वेद में मोरिंगा की पत्तियों को बहुत ही गुणकारी माना गया है। इन पत्तों के सेवन से कई प्रकार की बीमारियों से आराम मिल सकता है। मोरिंगा के पत्तों में एंटीबायोटिक, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी कैंसर और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।
झुंझुनूं को मिला स्कोच अवार्ड, पहले मिल चुके हैं 4 राष्ट्रीय पुरस्कार
राष्ट्रीय बालिका दिवस के एक दिवस पूर्व स्कोच कनसल्टेन्सी सर्विस पाईवेट लिमिटेड की ओर से देश भर में 15 स्कोच अवार्ड की घोषणा की गई। इन 15 नामों में झुंझुनूं जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल का नाम भी शामिल है, जिन्हे 10 फरवरी को दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। जिला कलक्टर को यह अवार्ड जिले में जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग की ओर से किए गए नवाचार ‘मिशन शी’ के तहत मिला है, जिसमें महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण, ऋण जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई गई थी। इससे पहले भी महिला अधिकारिता विभाग को अब तक 4 राष्ट्रीय तथा 15 राज्य स्तरीय अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं। महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि मिशन शी के तहत जिला प्रदेश में ऋण स्वीकृत करने में प्रथम स्थान पर रहा था।
Published on:
24 Jan 2024 12:43 pm
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