
बोले मदरसा बोर्ड चेयरमैन: पांच साल का कार्य पांच महीने में करने का प्रयास किया
झुंझुनूं. राजस्थान मदरसा बोर्ड के चेयरमैन एमडी चौपदार ने कहा कि प्रदेश में मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 58 करोड़ करोड़ रुपए दिए हैं। यह जिम्मेदारी मिलने के बाद पांच साल के विकास कार्यों को पांच महीने में करने का प्रयास किया गया है। वे रविवार को इंदिरा नगर स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि बोर्ड चेयरमैन की जिम्मेदारी मिले उन्हें पांच महीने हुए हैं। ऐसे में उन्होंने एक योजना पांच साल बनाम पांच माह बनाई है। इसके तहत पांच साल में जितना विकास कार्य करना था, उसे पांच महीने में करने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मदरसों में एक हजार स्मार्ट क्लास, कम्यूटर और फर्नीचर दिया है। मदरसों में पढऩे वाले दो लाख सात हजार बच्चों को शिक्षा विभाग के मार्फत 15 करोड़ रुपए की लागत से स्कूल ड्रेस दी गई।
12 साल बाद नई भर्ती निकाली
चेयरमैन चौपदार ने कहा कि प्रदेश में 12 साल बाद प्रदेश के मदरसों में नई भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती 6 हजार 843 पदों पर जल्द ही होगी।
मदरसों को दसवीं तक करने का प्रयास होगा
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मदरसें पांचवीं व आठवीं कक्षा तक के होने की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों में ड्रॉप आउट एक गंभीर समस्या है। ऐसे में प्रदेश के मदरसों को दसवीं तक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री से निवेदन किया जा चुका है। दसवीं तक होने के बाद समुदाय के बच्चों के ड्रॉप आउट होने पर लगाम लगने में मदद मिल सकेगी।
उर्दू विषय शुरू कराने पर होगी बात
जिला मुख्यालय के दो सरकारी कॉलेजों में उर्दू विषय को लेकर उठ रही मांग पर कहा कि इस विषय पर उनसे प्रतिनिधिमंडल मिले हैं। इस मांग को वे मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों के समक्ष भी रखेंगे। परंतु यहां की जनता ने झुंझुनूं विधायक को तीसरी बार चुना है। इस बारे में उन्हें जनता की पीड़ा सुनने की जरूरत है।
Published on:
26 Jun 2023 12:22 am
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