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जानें क्यों मनाते हैं करवा चौथ, इस बार कितने बजे उगेगा चांद

करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इस दिन सूर्य और बुध से बुधादित्य योग बनेगा।

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झुंझनूं में करवा पसंद करती महिला व युवतियां।

अखंड सौभाग्य की कामना का पर्व करवा चौथ रविवार 20 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र की कामना को लेकर व्रत करेंगी। चौथ माता की पूजा अर्चना करेंगी। कथा सुनेंगी और रात को चंद्रोदय के बाद अर्घ्य देकर उपवास खोलेंगी। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इस दिन सूर्य और बुध से बुधादित्य योग बनेगा। साथ हीकरवा चौथ पर 3 ग्रहों का शुभ प्रभाव भी रहेगा। इस साल करवा चौथ पर ग्रहों का महायोग है।

बिगड़े काम बनेंगे

मिश्रा के अनुसार, शनि कुंभ राशि में, गुरु वृष राशि में और शुक्र वृश्चिक राशि में हैं। तीनों ग्रहों के शुभ प्रभाव से कई अच्छे संयोग बन रहे हैं। पति के भाग्योदय होंगे और बिगड़े काम बनेंगे।महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं। दोपहर में घर में पूजा करती हैं। मिट्टी की छोटी कुलड़ी में चीनी भरकर या चीनी के करवे से पूजा का शृंगार सजाती हैं। रात में चलनी में चांद और पति को देखकर जल ग्रहण करती हैं। इस दिन सुहागन घरों में पूजा में भोग लगाने के लिए तरह-तरह के व्यंजन तैयार करती हैं।

महिलाओं में खासा उत्साह

पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। पर्व को लेकर बाजार में करवा की दुकानें सज गई है। रात 08बजकर 5 मिनट पर चांद निकलने का समय है।