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Rajasthan: राजस्थान में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल प्रोजेक्ट को लेकर आई बड़ी खबर, जानिए कब बुझेगी ग्रामीणों की ‘प्यास’

Kumbharam Lift Canal Project: कुंभाराम लिफ्ट कैनाल से वंचित विधानसभा क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने का काम शुरू तो हुआ है, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी लंबा इंतजार है। उदयपुरवाटी और सूरजगढ़ में काम जारी है, जबकि नवलगढ़ और पिलानी में प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है।

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Kumbharam Lift Canal Project

मलसीसर कस्बे में बना कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का डेम। फोटो- पत्रिका

झुंझुनूं। सरकार ने जिले के वंचित विधानसभा क्षेत्रों को कुंभाराम लिफ्ट कैनाल से जोड़ने की घोषणा की थी, जिससे हिमालय के मीठे पानी की आस जग गई। करोड़ों रुपए की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम आरंभ तो हुआ है, पर गति अब भी संतोषजनक नहीं है। ऐसे में वंचित क्षेत्रों को राहत मिलने में अभी लंबा समय लगेगा।

जिले में वर्तमान में केवल 383 गांव और छह कस्बों तक ही पानी पहुंच रहा है। मंडावा, खेतड़ी और झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्रों के गांवों में पानी पहुंचाने के दावे तो किए गए, किंतु जमीनी वास्तविकता में सभी ढाणियों और गांवों तक आपूर्ति नहीं हो पा रही है। योजनाएं बनीं, प्रस्ताव तैयार हुए, पर कई कार्य आज तक अमली जामा नहीं पहन पाए।

शुरुआत खेतड़ी से, चार विधानसभा क्षेत्र आज भी दूर

कुंभाराम लिफ्ट कैनाल की शुरुआत खेतड़ी क्षेत्र से हुई थी। इसके बाद सीमित रूप से मंडावा और झुंझुनूं तक काम बढ़ा, लेकिन नवलगढ़, पिलानी, सूरजगढ़ और उदयपुरवाटी आज भी इस सुविधा से कोसों दूर है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है, यहां तक कि टेंडर प्रक्रिया भी अंतिम चरण में थी, लेकिन स्थिति अभी भी धुंधली है।

उदयपुरवाटी और सूरजगढ़ : दो वर्ष का इंतजार

उदयपुरवाटी और सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल से पेयजल पहुंचाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। दोनों क्षेत्रों के लिए 1092 करोड़ रुपए की परियोजना स्वीकृत हुई थी। हाल ही में भूमि चिन्हित और बाउंड्री वॉल निर्माण जैसे प्रारंभिक कार्य किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार परियोजना को पूरा होने में कम से कम दो वर्ष का समय और लगेगा।

नवलगढ़ और पिलानी : तस्वीर अभी भी धुंधली

उदयपुरवाटी और सूरजगढ़ में कार्य शुरू हो चुका है, जबकि नवलगढ़ और पिलानी में पानी पहुंचने में अभी काफी विलंब होगा। सीकर और झुंझुनूं के बैलेंस विलेजेज के लिए 7799 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इस योजना के तहत दोनों जिलों के 1133 गांवों में पानी पहुंचना प्रस्तावित है।

झुंझुनूं जिले की पिलानी विधानसभा के 160 और नवलगढ़ के 109 गांव इसमें शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लिए पानी आरक्षित कर दिया गया है, लेकिन तकनीकी स्वीकृति के प्रस्ताव अभी तैयार किए जा रहे हैं। तकनीकी मंजूरी के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और उसके उपरांत कार्य आरंभ किया जा सकेगा।

एक जिला, लेकिन प्रोजेक्ट अलग-अलग टुकड़ों में

झुंझुनूं भले ही एक जिला है, लेकिन जलापूर्ति के संदर्भ में इसे तीन अलग परियोजनाओं में विभाजित किया गया है। मंडावा और झुंझुनूं को पुराने चूरू-बिसाऊ प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है। उदयपुरवाटी और सूरजगढ़ के लिए पृथक परियोजना बनाई गई है। नवलगढ़, पिलानी और सीकर को एक अन्य परियोजना में शामिल किया गया है। सभी को पानी इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत कुंभाराम लिफ्ट कैनाल से ही मिलेगा।

इनका कहना है

उदयपुरवाटी और सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के लिए 1092 करोड़ रुपए की परियोजना के अंतर्गत काम शुरू कर दिया गया है। प्रारंभिक कार्य किए जा रहे हैं। कार्य को पूरा होने में लगभग दो वर्ष लगेंगे। इसी प्रकार 7799 करोड़ रुपए की योजना के तहत सीकर और झुंझुनूं के बैलेंस विलेजेज को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें नवलगढ़ और पिलानी विधानसभा क्षेत्रों के 269 गांव शामिल हैं। दोनों क्षेत्रों के लिए पानी आरक्षित कर दिया गया है। तकनीकी स्वीकृति के प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर कार्य आरंभ किया जाएगा।

  • दिलीप तारंग, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परियोजना वृत्त, झुंझुनूं
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