Mg School Rajasthan
राजस्थान के 9 जिलों को छोड़कर बाकी स्कूलों में बच्चियां ज्यादा
राजेश शर्मा
झुंझुनूं. राजस्थान के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों में बेटों से ज्यादा संख्या बेटियों की है। कारण चाहे जो भी हो, लेकिन परिजन बेटों से ज्यादा बेटियों को सरकारी स्कूलों में भेज रहे हैं। सरकारी आंकड़े तो यही सच बता रहे हैं। पूरे राजस्थान में कुल 1651 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल हैं, इनमें केवल नौ जिले ऐसे हैं, जहां बेटियों से ज्यादा संख्या बेटों की है। शेष सभी जिलों में बेटियों की संख्या ज्यादा है। अधिकतर बेटियां वे हैं जो पहले हिन्दी माध्यम में पढ़ती थी, अब अंग्रेजी माध्यम में पढ़ रही हैं।
फैक्ट फाइल
कुल स्कूल 1,651
छात्र 143973
छात्राएं 156861
कुल 300834
सवाईमाधोपुर में दो गुना से ज्यादा
सवाईमाधोपुर जिले में कुल बीस स्कूल हैं। Mahatma Gandhi School Rajasthan इनमें 1483 छात्र व दो गुना से ज्यादा 3119 छात्राएं हैं। इसी प्रकार टोंक में कुल 35 स्कूल हैं, यहां 1757 छात्र व 3353 छात्राएं अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षा ले रही हैं।
यहां बेटियां ज्यादा
जिला छात्र छात्राएं कुल
अजमेर 6,157 6,383 12,540
अलवर 5,622 6,630 12,252
बांसवाड़ा 2934 3,014 5,948
बारां 1,775 2,220 3,995
भरतपुर 5,481 5,941 11,422
भीलवाड़ा 2,519 3,512 6,031
बीकानेर 7,744 8,977 16,721
चित्तौडगढ़़ 3,455 5,076 8,531
चूरू 4,553 4,999 9,552
दौसा 2,961 3,086 6,047
धौलपुर 2,394 2,621 5,015
हनुमानगढ़ 4,465 4,629 9,094
जयपुर 22,587 23,847 46,434
जैसलमेर 1,804 1,869 3,673
झालावाड़ 1,611 1,691 3,302
झुंझुनूं 6,488 6,708 13,196
करौली 3,443 4,000 7,443
कोटा 2,826 3,193 6,019
नागौर 5,357 7,396 12,753
पाली 4,656 4,902 9,558
प्रतापगढ़ 1066 1,116 2,182
सवाई माधोपुर 1,483 3,119 4,602
सीकर 6,633 6,874 13,507
टोंक 1,757 3,353 5,110
केवल नौ जिलों में बेटे ज्यादा
जिला छात्र छात्राएं कुल
बाड़मेर 5,426 4,591 10,017
बूंदी 2,042 2,005 4,047
जोधपुर 7,465 7,376 14,841
डूंगरपुर 2,235 2,167 4,402
श्रीगंगानगर 3,117 2,713 5,830
जालोर 2,408 2,176 4,584
राजसमंद 2,326 2,310 4,636
सिरोही 3,733 3,543 7,276
उदयपुर 5,450 4,824 10,274
इनका कहना है
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में छात्राओं की संख्या खूब है। कई स्कूलों में तो लॉटरी के माध्यम से चयन किया जा रहा है। कई स्कूलों का दसवीं का परिणाम श्रेष्ठ रहा है।
– सुभाष ढाका, जिला शिक्षा अधिकारी, झुंझुनूं