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कॉमनवेल्थ में खेलेगी झुंझुनं की मंजूबाला, देसी दूध व घी खाओ, फिट रहोगे

देसी दूध, छाछ व घी खाओ। बाजार की खाद्य सामग्री से दूरी बनाकर रखो। फल खाएं और ड्राई फू्रट्स भी लें। नेचूरल खानपान से खिलाड़ी लम्बे समय तक फिट रह सकता है।

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कॉमनवेल्थ में खेलेगी झुंझुनं की मंजूबाला, देसी दूध व घी खाओ, फिट  रहोगे

कॉमनवेल्थ में खेलेगी झुंझुनं की मंजूबाला, देसी दूध व घी खाओ, फिट रहोगे

#manju bala swami jhunjhunu

झुंझुनूं. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के लाडूंदा गांव की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मंजू बाला स्वामी अब कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलेगी। केरल में आयोजित 25 वें सीनियर फैडरेशन कप एथलेटिक मीट में 64.01 मीटर दूर हैमर फेंककर रजत पदक जीता। इसी के साथ मंजू का चयन कॉमनवेल्थ खेलों के लिए हो गया है। कॉमनवेल्थ खेल बर्मिंघम इंग्लैण्ड में 27 जुलाई 2022 से होंगे। इसके अलावा मंजू का चयन एशियन गेम्स के लिए भी हुआ है। एशियन गेम्स चीन के हांगझोऊ शहर में 10 से 25 सितम्बर 2022 तक होंगे। मंजू के चयन पर ओलम्पिक खिलाड़ी सपना पूनिया, कोच परवीर सिंह, सुबदीप सिंह, अनिल पूनिया, नीरज झारोड़ा, जिला खेल अधिकारी राजेश ओला, सुभाष योगी व अन्य ने बताया कि मंजू की मेहनत देश को विश्व स्तर पर पदक दिलाएगी।
चयन के बाद पत्रिका ने उनसे बात की, पेश है प्रमुख अंश।

सवाल: पहले भी 2014 में एशियन गेम्स में देश को कांस्य पदक दिलाया था, इस बार कैसी तैयारी है?
जवाब: निरंतर मेहनत कर रही हूं। ईश्वर ने साथ दिया और देशवासियों की दुआ रही तो अच्छा ही परिणाम आएगा।

सवाल: एशियन गेम्स का रेकॉर्ड कितना था?
जवाब: मैंने वर्ष 2014 में इंचियोन (साउथ कोरिया) में आयोजित एशियन गेम्स में 60.47 मीटर हैमर थ्रोकर कांस्य पदक जीता था।


सवाल: आगे की तैयारी?
जवाब: पहले मैंने पटयाला तैयारी की, अब जयपुर कर रही हूं।

सवाल: युवाओं को संदेश?
जवाब: खेलों के साथ पढाई भी करें। जो सपना पालो उसके लिए उतनी ही मेहनत जरूरी है। मेहनत लम्बे समय तक करनी पड़ेगी। ईमानदारी से समय देना पड़ेगा। सफलता के पीछे लम्बा संघर्ष होता है।

सवाल: खिलाडिय़ों की डाइट कैसी हो?
जवाब: देसी दूध, छाछ व घी खाओ। बाजार की खाद्य सामग्री से दूरी बनाकर रखो। फल खाएं और ड्राई फू्रट्स भी लें। नेचूरल खानपान से खिलाड़ी लम्बे समय तक फिट रह सकता है।

सवाल: पीहर व ससुराल का सहयोग?
जवाब: पीहर चूरू जिले के राजगढ़ के पास चांदगोठी में है, जबकि ससुराल पिलानी के पास लाडूंदा में है। दोनों ही जगह से मुझे पूरा सहयोग मिलता है।

#manju bala swami jhunjhunu
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जानिए क्या है कॉमनवेल्थ
कॉमनवेल्थ खेल की शुरुआत वर्ष 1930 में हुई थी। यह हर चार साल बाद होते हैं। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में 71 देशों के खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया था। वर्ष 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेल हुए थे। इनको राष्ट्रमंडल खेल भी कहते हैं।