
24 लाख की आबादी का जिला दो सोनोग्राफी मशीनों के भरोसे
झुंझुनूं. Medical system exposed : जिले की आबादी 24 लाख के करीब पहुंच चुकी है लेकिन चिकित्सा सुविधा के लिए मरीज भटकने को मजबूर हैं। हालात यह है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में मात्र दो ही सोनोग्राफी सही से काम कर रही है। जबकि हर गर्भवती महिला के साथ अन्य कई मरीजों को भी सोनोग्राफी की जरूरत होती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए उन्हें लम्बा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी सेंटरों में ज्यादा पैसे देकर सोनोग्राफी करानी पड़ती है।
कहां क्या स्थिति
जिले के सबसे बड़े राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल (बीडीके) में रोजाना हजारों मरीज आते हैं। बावजूद इसके यहां पर केवल एक सोनोग्राफी मशीन चल रही है। यह मशीन भी कई बार बंद रहती है। इसके अलावा नवलगढ़ के राजकीय जिला अस्पताल में एक मशीन का संचालन हो रहा है। खेतड़ी उप जिला अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन तो कई दिनों से खराब पड़ी है।
जिम्मेदारों का एक ही बहाना: नहीं मिल रहे रेडियोलॉजिस्ट
अस्पतालों में सोनोग्राफी की सुविधा मुहैया कराने में चिकित्सा प्रबंधन पूरी तरह से नाकाम नजर आ रहा है। बीडीके अस्पताल में इतने दिन बाद भी बंद पड़ी दो सोनोग्राफी मशीनों के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके पीछे जिम्मेदारों का ही एक ही तर्क है कि रेडियोलॉजिस्ट ही नहीं मिल पा रहे। बीडीके अस्पताल में रोजाना 40-50 ही सोनोग्राफी हो रही हैं। जबकि यहां पर रोजाना सात सौ से अधिक मरीज आते हैं। इन्हें आगे की तिथि दे दी जाती है।
इनका कहना है...
बीडीके में तीन, नवलगढ़ अस्पताल व खेतड़ी उप जिला अस्पताल में एक-एक सोनोग्राफी मशीन हैं। बीडीके में एक मशीन का संचालन हो रहा है। दो मशीनों को जनाना विंग में लगाने की अनुमति दे दी गई है। इसके बाद यहां पर महिलाओं की सोनोग्राफी शुरू हो जाएगी। नवलगढ़ में केवल गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जा रही है। खेतड़ी अस्पताल की मशीन खराब है। अन्य किसी भी सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन नहीं हैं। रेडियोलोजिस्ट के अभाव में इनका संचालन करने में परेशानी आ रही है।
-डॉ. राजकुमार डांगी, सीएमएचओ
Published on:
24 Sept 2023 12:33 am
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