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नेपाल का सबसे अमीर व्यक्ति झुंझुनूं में करेगा करोड़ों का निवेश

झुंझुनूं जिले के बड़े उद्योगपतियों के नाम आते हैं तो सबसे पहले बिड़ला, डालमिया, खेतान, सिंघानिया, मोरारका का लिया जाता है। जिले का एक बेटा ऐसा भी है, जो वर्तमान में नेपाल का सबसे अमीर व्यक्ति है। यह हैं बिनोद चौधरी।

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बिनोद चौधरी- फोटो: Patrika

राजेश शर्मा / झुंझुनूं। जिले के बड़े उद्योगपतियों के नाम आते हैं तो सबसे पहले बिड़ला, डालमिया, खेतान, सिंघानिया, मोरारका का लिया जाता है। जिले का एक बेटा ऐसा भी है, जो वर्तमान में नेपाल का सबसे अमीर व्यक्ति है। इनको नेपाल के पहले अरबपति के नाम से भी जाना जाता है। यह हैं बिनोद चौधरी। झुंझुनूं जिले के मंडावा के निकट चूड़ी अजीतगढ़ गांव निवासी बिनोद चौधरी वर्तमान में नेपाल से सांसद भी हैं। उद्योग जगत के साथ वहां की राजनीति में भी उनका काफी दखल है।

बुधवार को परिवार सहित झुंझुनूं आए बिनोद चौधरी ने पत्रिका से विशेष बातचीत में बताया कि जिले ने देश ही नहीं बल्कि विश्व में नाम कमाने वाले अनेक उद्योगपति दिए हैं। मेरे दादाजी सबसे पहले कम उम्र में नेपाल गए थे। मेरे पिता का जन्म, मेरे बेटे व मेरे पौतों का जन्म भी वहीं हुआ। जब हम छोटे थे तो मेरे दादाजी हमें हमारे गांव व यहां के मंदिरों में लाते थे। वे कहते थे बेटा अपनी माटी को मत भूलना।

मैं उनके कहने पर झुंझुनूं में हमारे पैतृक गांव चूडी अजीतगढ़ में जल्द ही करोड़ों का निवेश करूंगा। ताकि यहां के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिले। गांव में बड़ा प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट अपने आप में सबसे अलग होगा। इसके लिए सरकार से बातचीत चल रही है। जैसे हमारा चौधरी ग्रुप वापस अपनी माटी की ओर लौटा है, वैसे अन्य बड़े घरानों को भी अपनी माटी को वापस कुछ देना चाहिए।

नेपाल व भारत के रिश्ते दिल के
वर्तमान में भारत व नेपाल के बीच चल रहे सीमा विवाद और नक्शे को लेकर उन्होंने कहा कि नेपाल व भारत का रिश्ता दिल का है, धर्म का है, व्यापार का, रोटी और बेटी का है। इस रिश्ते को दुनिया की कोई ताकत कमजोर नहीं कर सकती। भारत के लाखों लोग हर वर्ष पशुपतिनाथ के दर्शन करने जाते हैं तो नेपाल के भी श्रद्धालु हर वर्ष चार धाम की यात्रा करने भारत आते हैं।

ऐसे बने नेपाल के बिजनेस टायकून
पिता के बीमार होने के बाद बिनोद केवल 18 साल की उम्र में कारोबार से जुड़ गए। इसके लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई भी बीच में ही छोड़ दी। चौधरी ने 1970 में एक नाइट क्लब शुरू किया, जिसके बाद उन्हें शराब इंपोर्ट करने का लाइसेंस मिल गया। इसके बाद पेपर सेल करने का काम शुरू किया। चौधरी ग्रुप वर्तमान में बीमा, फूड, रियल एस्टेट, रिटेल और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम करता है।