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झुंझुनूं। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं व कक्षा एक से आठवीं तक के सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों को अब यूनिफॉर्म सिलाई का पैसा नहीं मिलेगा। इसके साथ ही जिले ही नहीं बल्कि प्रदेशभर की लाखों छात्राएं व छात्र राज्य सरकार से मिलने वाली इस आर्थिक मदद से वंचित हो जाएंगे। इसी वर्ष किए गए बदलाव के चलते अब सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक की समस्त छात्राओं और एससी/एसटी, बीपीएल कार्ड धारक छात्रों को ही इसका लाभ मिल सकेगा। पहले मुख्यमंत्री निशुल्क यूनिफार्म योजना में आठ सौ रुपए यूनिफार्म और बैग सिलाई के मिलते थे। लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। अब यह राशि घटाकर छह सौ रुपए कर दी गई है। यह राशि अब डीबीटी के माध्यम दी जाएगी।
जिले में इस योजना में 52 हजार 948 विद्यार्थी पात्र थे। लेकिन योजना में बदलाव के कारण 36,995 बच्चों के बिल लॉक कर दिए गए हैं। जिम्मेदार इन बच्चों के खातों में जल्द ही राशि ट्रांसफर करने के दावे कर रहे हैं। वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना में कई संशोधन होने की वजह से हजारों की संख्या में जरूरतमंद छात्र-छात्राएं आर्थिक मदद से वंचित हो जाएंगे। जिले में 1,551 स्कूल संचालित हैं। इनमें 52,948 पात्र विद्यार्थियों में से 41,009 का जनाधार व 37,388 बच्चों का स्कूल स्तर पर सत्यापन हो पाया है। जिले में 36,995 बच्चों के बिल लॉक हैं। जिन्हें प्रथम चरण में भुगतान करने की प्रक्रिया चल रही है।
जिले में लगभग 22.25 फीसदी विद्यार्थियों का जनाधार प्रमाणित नहीं हो सका है। इस कारण वे इस बार योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे। जिन विद्यार्थियों का जनाधार बाद में प्रमाणित होगा, उन्हें बाद में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। अब तक जिले में 77.45% जनाधार प्रमाणन का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।
-2023 योजना की शुरुआत, प्रति विद्यार्थी 200 रुपए डीबीटी से दिए गए
-2024-25 राशि बढ़ाकर 800 रुपए की गई और 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को भी लाभ मिला
-2025-26 राशि घटाकर 600 रुपए कर दिए गए हैं। 9वीं से 12वीं तक छात्राएं के अलावा कक्षा एक से आठवीं तक के सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों को बाहर कर दिया गया है।
जिले में 52 हजार 948 पात्र विद्यार्थियों में से अब तक 41 का जनाधार सत्यापित हो चुका है। विद्यालय स्तर पर 37,388 बच्चों का सत्यापन हुआ है। इसमें से 36,995 बच्चों के बिल लॉक किए गए हैं। जिन्हें प्रथम चरण में योजना का लाभ मिलेगा। शाला स्तर पर कुल 36 हजार 643 बच्चों को जल्दी ही भुगतान किया जाएगा।
जयदीप झाझड़िया, एडीपीसी समसा व योजना प्रभारी
Updated on:
24 Oct 2025 03:32 pm
Published on:
24 Oct 2025 03:32 pm
