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निजी अस्पतालों में नहीं हो रहा इलाज सरकारी अस्पतालों में बढ़े मरीज

private doctors strike : जिले के निजी व सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या 3001 से अधिक है। इनमें निजी अस्पतालों में 1714 बेड व सरकारी अस्पतालों में 1287 बेड हैं। इनमें 57 फीसदी बेड क्षमता निजी अस्पताल रखते हैं। यहां पर भर्ती होने वाले सभी मरीज अब सरकारी अस्पतालों में रेफर होने लगे हैं।

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निजी अस्पतालों में नहीं हो रहा इलाज सरकारी अस्पतालों में बढ़े मरीज

निजी अस्पतालों में नहीं हो रहा इलाज सरकारी अस्पतालों में बढ़े मरीज

झुंझुनूं. राइट-टू-हेल्थ बिल के विरोध में निजी अस्पतालों में इलाज बंद होने से मरीज भटक रहे हैं। इलाज बंद होने के चलते दोनों जिला अस्पतालों समेत सीएचसी और पीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला मुख्यालय पर राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल, नवलगढ़ जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल खेतड़ी, मलसीसर व चिड़ावा में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ गई हैं। बीडीके अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना सौ के करीब मरीज ऐसे हैं जिन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। अकेले बीडीके अस्पताल में छह घंटे के दौरान 40 मरीज भर्ती हुए। इसके अलावा रोजाना मौसमी बीमारियों समेत अन्य बीमारियों के इलाज लेने के लिए आने वाले मरीज भी बढ़ गए।

निजी अस्पतालों में बेड क्षमता 57 प्रतिशत

जिले के निजी व सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या 3001 से अधिक है। इनमें निजी अस्पतालों में 1714 बेड व सरकारी अस्पतालों में 1287 बेड हैं। इनमें 57 फीसदी बेड क्षमता निजी अस्पताल रखते हैं। यहां पर भर्ती होने वाले सभी मरीज अब सरकारी अस्पतालों में रेफर होने लगे हैं।

91 निजी अस्पतालों में इलाज बंद

जिले के 91 निजी अस्पतालों में वर्तमान में इलाज बंद हैं। इसके चलते निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीज अब सरकारी अस्पतालों में रेफर हो रहे हैं। दूर-दराज से रेफर होने वाले मरीज जिला मुख्यालय के अस्पतालों में पहुंचने से पहले ही मौत के शिकार हो रहे हैं। 42 अस्पताल आरजीएचएस और चिरंजीवी योजना में इलाज के लिए अधिकृत हैं।


निजी चिकित्सकों ने किया सदबुद्धि यज्ञ

झुंझुनूं. राइट-टू-हेल्थ बिल के विरोध में कलक्ट्रेट के सामने प्राइवेट अस्पताल संघर्ष समिति की ओर से चल रहा धरना शनिवार को जारी रहा। शनिवार को चिकित्सकों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया। शनिवार को अनशन पर डॉ. शुभकरण कालेर, डॉ. नफ़ीस क़ुरैशी, डॉ. इरफ़ान चौहान, डॉ. मीना शेखावत, डॉ. प्रियंका बुडानिया व डॉ फ़ारूक़ बैठे। रविवार को अनशन पर डॉ. कपिल तेतरवाल, डॉ. संगीता तेतरवाल, डॉ. पुष्पेंद्र बुडानिया, डॉ मधु राठौड़ , डॉ रवींद्र शेखावत बैठेंगे। धरने को कई संगठनों ने भी समर्थन दिया है।

दो घंटे कार्य बहिष्कार

बिल के विरोध में अरिस्दा के बैनर तले सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों ने दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। अध्यक्ष डॉ. एसएस जब्बार व महासचिव राजेंद्र ढाका के नेतृत्व में किए गए बहिष्कार में बीडीके अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक शामिल थे।

इनका कहना है...

निजी अस्पतालों में इलाज बंद होने से मरीजों का भार जिले के सरकारी अस्पतालों में बढ़ गया है। मरीज बढ़ने से ज्यादा दिक्कतें ऑपरेशन करने में आ रही हैं। सरकारी अस्पतालों में अरिस्दा चिकित्सक दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इमरजेंसी, प्रसव समेत अन्य सुविधाएं चालू हैं।

डॉ. राजकुमार डांगी, सीएमएचओ झुंझुनूं


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