
केवीके आबूसर में उगाई बैंगनी गोभी।
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राजेश शर्मा.
एंथोसाइनिन पिगमेंट वाली बैंगनी गाेभी अब मानव को बीमारियों से लड़ने की ताकत देगी। राजस्थान में आमतौर पर ब्रोकली, पत्ता गोभी व फूलगोभी की खेती की जाती है, लेकिन झुंझुनूं के कृषि विज्ञान केन्द्र आबूसर में पहली बार एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर बैंगनी गोभी की फसल लहलहा रही है।
केवीके के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रशीद खान ने बताया कि बैंगनी गोभी मूल रूप से यूरोप की फसल है। भारत में हिमाचल, पंजाब, कश्मीर व यूपी के गोरखपुर, हापुड, गाजियाबाद व अन्य जगह ही इसकी खेती की जाती है। केवीके की जलवायु व मिट्टी में अच्छी पैदावार हुई है। अब इसे अगले सीजन से किसानों को उगाने की सलाह देंगे। यह गोभी मुख्य रूप से पांच सितारा होटलों में सलाद के रूप में काम आती है। सामान्य गोभी की तुलना में तीन व चार गुना महंगी बिकती है। उत्पादन भी अच्छा होता है।
यह है विशेषता
बैंगनी पत्ता गोभी अल्सर जैसी बीमारी से बचाने में मददगार है। इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, आयरन और पोटैशियम जैसे गुण पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। इसमे फाइटोन्यूट्रिएंट की अच्छी मात्रा है, जो सूजन और दर्द को कम करने में मददगार है।इसमें फाइबर के गुण पाए जाते हैं, जो वजन कम करने में मदद करता है। यह एंटी एजिंग गुणों से भरपूर होती है, जो त्वचा को लंबे समय तक जवां और हेल्दी रखने में मदद करती है।
बढ़ेगी किसानों की आय
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस फसल का व्यावसायिक उत्पादन कर किसान अपनी आय दो गुनी कर सकते हैं। यह ब्रोकली, फूलगोभी व पत्ता गोभी की तुलना में तीन से चार गुणा ज्यादा दाम में बिकती है। शेखावाटी से गुरुग्राम व दिल्ली जैसे बड़े शहर नजदीक हैं। ऐसे में उनको बाजार भी नजदीक ही मिल जाएगा। केवीके किसानों को इसकी पौध भी रियायती दर पर उपलब्ध करवा रहा है।
इसलिए होता है पत्ता गोभी का बैंगनी रंग
उद्यान वैज्ञनिक रशीद खान के अनुसार इसमें एंथोसाइनिन पॉलीफेनॉल पिगमेंट हाई लेवल में पाया जाता है। इसलिए इसका रंग गहरा बैंगनी होता है।
एक्सपर्ट व्यू
पहली बार केवीके आबूसर में बैंगनी गोभी की खेती की है। यह आम गोभी से तीन-चार गुणा महंगी बिकती है। किसानों की आय दो गुनी करने में भी सहायक है। पांच सितारा होटलों में इसे सलाद के रूप में ज्यादा काम लिया जाता है। इसके अलावा महंगे रेस्तरां में बर्गर व अन्य फास्ट फूड में भी काम ली जाती है।
-डॉ दयानंद, मुख्य वैज्ञानिक एवं चेयरमैन केवीके आबूसर
Published on:
14 Feb 2024 12:43 pm
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