
नहर पहुंची ना पूरे जिले को हिमालय का मीठा पानी मिला
जिले में सिंचाई के लिए नहर की बात हो या फिर कुंभाराम लिफ्ट कैनाल के मीठे पानी की। यह मुद्दा दशकों से राजनीति के केंद्र में रहा है। दोनों योजनाओं का लाभ भले ही सभी गांवों को नहीं मिल पा रहा है। परंतु विधानसभा चुनाव के रण में उतरे प्रत्याशियों के लिए ये मुद्दे वोट बंटरोने में अहम कारगर सिद्ध होते हैं। चुनावी समय में वर्षो ं से इन मुद्दों को एजेंडे में शामिल किया जाता रहा है लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ, अब तक जनता को केवल आश्वासन ही मिलता आया है।
1000 से अधिक गांव, पानी मिला 258 को
इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का पानी जिले के हर गांव-ढाणी, शहर व कस्बों के घरों में पहुंचाया जाना था। परंतु प्रोजेक्ट कई सालों से रेंग रहा है। वर्तमान में झुंझुनूं, खेतड़ी, अलसीसर व मंडावा के महज 258 गांवों व पांच कस्बों में पानी पहुंचा है। इसके अलावा नवलगढ़, चिड़ावा, सूरजगढ़, उदयपुरवाटी विधानसभाओं में तो अभी तक पानी पहुंचाए जाने को लेकर कोई सुध-बुध नहीं है।
क्या कहते हैं लोग...
जनप्रतिनिधि कई बार चुनावों में पेयजल की समस्या का हल करने के वादे कर चुके हैं। परंतु समाधान नहीं होता है। कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का पानी भी अभी तक नहीं पहुंचा है।
शेरसिंह, मंड्रेला
अभी तक नवलगढ़ उपखंड में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का पानी नहीं पहुंचा है। यह जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का कारण है कि यहां की जनता मीठे पानी से वंचित है।
हरिसिंह जाखड़, व्यवसायी नवलगढ़
258 गांवों में पानी पहुंचाया
कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का जिले के 258 गांवों में पानी पहुंचाया जा चुका है। वहीं, पांच शहर व कस्बों में पानी पहुंच रहा है। अन्य गांवों में पानी पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है।
जेआर नायक, एसई कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना (झुंझुनूं)
Published on:
09 Nov 2023 09:16 pm
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