
Jhunjhunu News : पुलिस बनकर मां-बाप को फोन कर उन्हें बेटे या बेटी को अरेस्ट करने की धमकी देकर ठगी के इन दिनों कई मामले सामने आ रहे हैं। अधिकतर फोन स्कूल समय में बच्चों की मां के पास जाते हैं। उन्हें कहा जाता है कि आपके बेटे का अरेस्ट कर लिया गया है। जुर्म पूछने पर उन्हें बताया जाता है कि आपके बेटे ने किसी लड़की का रेप किया है। यहां तक कि किसी रोते हुए बच्चे से उनकी बात भी करवाई जाती है। कोई अगर घबरा कर उनके जाल में फंस गया तो उससे मोटी रकम ऐंठ ली जाती है। झुंझुनूं-चूरू में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
ऐसे कॉलर पहले साधारण कॉल पर बात करते हैं और फिर बातों-बातों में सामने वाले के व्हाट्सएप नम्बर मांग लेते हैं। व्हाट्सएप नम्बर पर बैंकिंग डिटेल भेजकर रुपए मंगवाए जाते हैं। इसके अलावा ओटीपी आदि पूछकर बैंक अकाउंट से पैसे उड़ाए जा सकते हैं।
दरअसल स्मार्ट फोन पर इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नेपचैट आदि का शौक हर किसी को चढ़ा है। ठगी करने वाला गिरोह इन्हीं सोशल मीडिया अकाउंट्स से नम्बर लेकर उन्हें कॉल करते हैं। यह भी बताया जा रहा है कि स्कूलों से भी बच्चों के अभिभावकों के नम्बर चोरी किए जा रहे हैं। इससे उनको बच्चे व उसके माता-पिता के नाम का पता चल जाता है और यह नाम बताकर ही लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं।
झुंझुनूं में एक महिला अधिकारी शारदा जिनोलिया के पास फोन आया। कॉलर ने महिला के पति का नाम बताते हुए पूछा कि आपका बेटा कहां है, महिला ने जब बताया कि उनका बेटा तो दिल्ली में है तो काॅलर ने कहा कि मैं दिल्ली थाने से ही बोल रहा हूं, आपके बेटे को हमने अरेस्ट किया है। शारदा के कहने पर काॅलर ने एक बच्चे से भी बात कराई जो रोते हुए मम्मी बचाओ, मम्मी बचाओ बोल रहा था। लेकिन जिनोलिया माजरा समझ गई और बात करते-करते ही झुंझुनूं एसपी कार्यालय पहुंच गई। वहां जाकर उन्होंने जब कहा कि मैं एसपी कार्यालय में खड़ी हूं तो फोन काट दिया गया।
चूरू के एक व्यक्ति के पास फोन आया कि आपकी बेटी को अरेस्ट कर लिया गया है। उसने कुछ लड़कों के साथ मिलकर एक लड़की का रेप करवाया है। पीडि़त के कहने पर कॉलर ने एक रोती हुई लड़की से बात करवाई लेकिन वह क्या बोल रही थी कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद कॉलर ने कहा कि डीजी साहब आ गए, उनसे बात करो। इसके बाद किसी ने डीजीपी बनकर व्यक्ति को धमकाया और 70000 रुपए की मांग की। इस पर पीडि़त ने झुंझुनूं साइबर अपराध शाखा में कार्यरत अपने एक परिचित को फोन किया। उनके समझाने पर पीडि़त ने पता किया तो उसकी बेटी सुरक्षित थीं।
- अगर आपके पास कोई अनजान नंबर से फोन आए और आपके परिवार के किसी सदस्य को अरेस्ट करने की बात कहें, तो घबराएं नहीं, पहले हकीकत समझने का प्रयास करें।
- ऐसा फोन आने पर पहले अपने बच्चे का पता करें कि वह स्कूल में है या नहीं और उससे बात करें।
- अनजान को व्हाट्सएप नंबर नहीं दें।
- अगर आपको कोई रकम जमा कराने का कहे, तो उसे कभी न मानें। यह आपको ठगने का तरीका हो सकता है।
- अगर आपसे कोई व्हाट्सएप नंबर मांगे या कोई लिंक भेजे, तो उसे कभी न खोलें या शेयर न करें। यह आपके डिवाइस को हैक करने का तरीका भी हो सकता है।
- फिर भी आप ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।
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इस तरह का फोन आने पर घबराएं नहीं। सबसे पहले अपने बच्चे के बारे में पता करें कि वह इस वक्त कहां हैं और उससे बात करें। बच्चा स्कूल गया है तो स्कूल में सम्पर्क कर उससे बात करें। फिर भी कोई बात हो तो पुलिस से सम्पर्क करें, अपने स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं करें।
- देवेन्द्र बिश्नोई, पुलिस अधीक्षक, झुंझुनूं
Published on:
07 Feb 2024 09:50 am
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