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राजस्थान पुलिस कांस्टेबल ने 4 साल की बेटी के साथ लगाई फांसी, सुसाइड नोट में पति के बारे में लिखी ये बातें

सीमा बीकानेर में पुलिस लाइन में सिपाही के पद पर कार्यरत थीं। पति की कुछ माह पहले मौत हो गई थीं, जिससे वह सदमें में थी।

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Police constable Seema Choudhary who committed suicide.

Police constable Seema Choudhary who committed suicide.

बुहाना/चिड़ावा.

बुहाना क्षेत्र के भिर्र गांव की एक विवाहिता ने रविवार शाम को बीकानेर के सरकारी आवास में अपनी बेटी के साथ पंखे पर झुलकर आत्महत्या कर ली। विवाहिता बीकानेर में पुलिस लाइन में सिपाही के पद पर कार्यरत थीं। मृतका सिपाही सीमा के पति की कुछ माह पहले मौत हो गईथीं, जिससे वह सदमें में थी। सीमा के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने आत्महत्या का कारण पति की मौत के बाद सदमे को बताया है। घटना की जानकारी मिलने पर बीछवाल पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में मां-बेटी के शवों को पी बीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।


सीआई धीरेंद्रसिंह शेखावत के अनुसार भिर्र हाल चिड़ावा निवासी सीमा चौधरी अपनी चार साल की बेटी वंशिका के साथ करणीनगर स्थिति पुलिस कॉलोनी में अपने भाई सुमित के सरकारी आवास में रह रही थीं। सीमा ने रविवार शाम को क्वार्टर में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना दी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मां-बेटी की मौत के बाद शोक की लहर दौड़ गई। बाद में शाम को भिर्र गांव में मृतका व उनकी बेटी का अंतिम संस्कार किया गया।


पुलिस के अनुसार महिला सिपाही काफी मिलनसार थीं। मगर पति की मौत के बाद से वह काफी तनाव में चल रही थी। जिसके चलते परिजन उसे अकेला नहीं छोड़ते थे। रविवार शाम को उसका भाई सुमित व देवर उसकी स्कूटी ठीक कराने और खरीदारी करने बाजार गए। पीछे से सीमा ने अपनी बेटी को फंदे पर लटकाया और बाद में खुद भी फंदे से झूल गईं। जिससे दोनों की मौत हो गई। शाम को भाई व देवर घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। अनहोनी की डर से दोनों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर सीमा व वंशिका फंदे से लटकी मिली।

सुसाइड नोट में लिखा, मुझे माफ कर देना


बीकानेर में फंदे पर झूली सिपाही सीमा के पास से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें सीमा ने मौत के कारण का उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार मृतका सीमा ने सुसाइड नोट में लिखा कि मुझे माफ करना, मैं जीना नहीं चाहती और मेरी बेटी को किसी के भरोसे भी छोड़ नहीं सकती। मैं इसे भी साथ ले जा रहीं हूं। मैं अपने पति के बिना जी नहीं सकती।

मेरे पति मुझे यूं अचानक छोड़कर चले गए, यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहीं हूं। सीमा ने सुसाइट नोट में माता-पिता व ससुराल वालों से भी माफी मांगी है। सीमा ने यह भी लिखा है कि मरने के बाद मां-बेटी दोनों की आंखे दान कर दी जाए। हमारा दोनों का अंतिम संस्कार भी वहीं करना, जहां मेरे पति का किया गया था।

चिड़ावा में हुई थी पति की मौत
मृतका सीमा के ससुराल वाले लंबे समय से चिड़ावा में रहते थे। मृतका सीमा के पति भी पुलिस में कांस्टेबल थे। करीब तीन-चार माह पहले चिड़ावा में हादसे में पति हरकेश मान की मौत हो गई थी। हरकेश की मौत के बाद से ही सीमा तनावग्रस्त थी।

करवाया था तबादला


जानकारी के अनुसार मृतका सिपाही सीमा व उनके पति पाली में एक ही थाने में कार्यरत थे। पति की मौत के बाद सीमा ने करीब एक माह पहले बीकानेर तबादला करवा लिया था। बीकानेर में ही मृतका के भाई-बहन रहते हैं। ऐसे में परिजनों ने सीमा का तबादला बीकानेर करवाया था। सीमा के अवसाद के चलते परिजन उसे अकेला नहीं छोड़ते थे।


स्कूल का पहला दिन भी नहीं देख सकी


महज 4 साल की वंशिका को स्कूल का एक दिन भी नसीब नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार वंशिका का शनिवार को ही बीकानेर की एक निजी स्कूल में एडमिशन करवाया गया था। सोमवार को वह स्कूल में जाने वाली थी। चंचल वंशिका भी स्कूल में जाने के लिए काफी उत्सुक थी। वंशिका अक्सर घरवालों से स्कूल जाने की जिद किया करती थी।