
झुंझुनूं. जिले में यौन हिंसा से बालकों का संरक्षण अधिनियम (विशिष्ट न्यायाधीश अनु.जाति, जनजाति अत्याचार निवारण) सुमन सहारण ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में नालपुर थाना खेतड़ी निवासी विक्रम जाट को दस वर्ष के कठोर करावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।
मामले के अनुसार 28 मार्च 2015 को पीडि़ता की मां थाना खेतड़ी पर एक रिपोर्ट दी कि 16 मार्च 2015 सुबह उसकी लडक़ी अपने घर से ग्राम डाडा फतेहपुरा स्थित स्कूल मेें 10वीं कक्षा का प्रवेश पत्र लाने जा रही थी। रास्ते में विक्रम जाट मिला और कहा कि एक लडक़ी परीक्षा देगी उसके साथ चली जाना। पीडि़ता ने उसका विश्वास कर लिया। विक्रम उसे स्कूल ले जाने के बजाए सूने मकान में लग गया व उसके साथ दुष्कर्म किया।मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक नन्द किशोर शर्मा ने पैरवी की।
बाल अपचारी को निरूद्ध किया
इसी के साथ एक और मामला सामने जिसमें किठाना गांव में शादी समारोह में शामिल होने आई नाबालिग से चार दिसंबर की रात दो जनों द्वारा ज्यादती किए जाने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बाल अपचारी को निरूद्ध किया है। सीआई रणजीतसिंह सेवदा ने बताया कि आरोपी बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे संप्रेषण गृह भेज दिया गया। मामले की जांच डीएसपी लाखन सिंह मीणा कर रहे हैं। गौरतलब है कि हरिणाया की नाबालिग अपनी रिश्तेदार के साथ किठाना गांव में शादी समारोह में शामिल होने आईथी जिसमे उसके साथ दुष्कर्म हुआ।
25 हजार देने के आदेश
न्यायालय ने आदेश में कुल अर्थदण्ड राशि जमा होने पर अपील के बाद 25 हजार रुपए की राशि बतौर प्रतिकर पीडि़ता को देने व पीडि़ता को राजस्थान पीडि़त प्रतिकर स्कीम के अधीन आर्थिक सहायता की अनुशंषा करते हुए निर्णय की प्रति अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का भी निर्देश दिया।
Updated on:
10 Dec 2017 02:37 pm
Published on:
10 Dec 2017 02:24 pm
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