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Ration Card E-KYC: राजस्थान सरकार ने दी बुजुर्गों और मासूमों को बड़ी राहत, हजारों लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा

Ration Card E-KYC: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले राशन के लिए अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है।

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Ration Card E-kyc

Photo- Patrika

झुंझुनूं। राशन कार्ड से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया की तकनीकी पेचीदगियों के कारण महीनों से परेशान बुजुर्गों और छोटे बच्चों को आखिरकार सरकार ने बड़ी राहत दी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले राशन के लिए अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है।

यह फैसला झुंझुनूं जिले जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है, जहां हर चौथे घर में कोई न कोई सदस्य इस श्रेणी में आता है। जिले में कुल 85,176 लाभार्थी अब इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे। इनमें 9,953 बुजुर्ग और 75,101 छोटे बच्चे शामिल हैं।

तकनीकी खामियों की वजह से राशन से हो रहे थे वंचित

बायोमेट्रिक सत्यापन में आ रही थी परेशानी पिछले कुछ महीनों में ई-केवाईसी के तहत बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बुजुर्गों और मासूम बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बनी रही। अंगूठे के निशान स्कैन न हो पाना, आंखें झपकने से फेस स्कैन असफल होना आम बात हो गई थी। कई बुजुर्ग घंटों लाइन में लगने के बावजूद सिस्टम से 'अयोग्य' घोषित किए जा रहे थे। जिले में 10,075 बुजुर्गों की ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाई थी।

तकनीकी खामियों की वजह से राशन से हो रहे थे वंचित

बुजुर्गों और बच्चों को राशन से वंचित होते देख जिले भर से शिकायतें शासन तक पहुंचीं। राशन डीलरों, पंचायत प्रतिनिधियों और आमजन से मिले फीडबैक के आधार पर रसद विभाग ने इस बदलाव की सिफारिश की, जिसे अब औपचारिक मंजूरी मिल गई है।

अस्थाई मिली है छूट

5 साल से कम आयुवर्ग के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट तो मिली है, लेकिन जैसे ही वे 5 वर्ष पूरे करेंगे, ई-केवाईसी अनिवार्य हो जाएगी। इस श्रेणी में आने वाले परिवारों को समय पर जानकारी अपडेट करनी होगी। 5 व 10 साल के बच्चों और 70 साल से कम उम्र के वयस्कों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से जारी रहेगी। जिले में ऐसे 25,757 लाभार्थी हैं।

जिले में एक लाख से अधिक ई-केवाईसी लंबित

जिले में अब भी 1 लाख से अधिक ई-केवाईसी लंबित हैं। कई जगह नेटवर्क की समस्या, मशीन खराबी या सर्वर डाउन जैसी तकनीकी बाधाएं आ रही हैं। जिला प्रशासन अब अतिरिक्त मशीनें लगाने और विशेष ई-केवाईसी शिविरों की योजना बना रहा है। झुंझुनूं जैसे जिले, जहां आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण है और बुजुर्गों पर ही परिवार की जिम्मेदारी होती है, वहां यह निर्णय राहत बनकर आया है।

इनका कहना है….

खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन तकनीकी बाधाओं के चलते जिन्हें बार-बार सिस्टम बाहर कर रहा था, उनके लिए छूट दी गई है। अब 70 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों को ई-केवाईसी नहीं करवानी होगी। बाकी लोगों के लिए यह अनिवार्य है।

निकिता राठौड़, जिला रसद अधिकारी, झुंझुनूं

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