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RBSE 12th Result : कारपेंटर की बेटी गरिमा ने रचा इतिहास, साइंस में 99.20%, फिजिक्स-मैथ्स-अंग्रेजी में 100 में से 100 नंबर

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने वर्ष 2026 की 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। झुंझुनूं के नवलगढ़ की रहने वाली गरिमा जांगिड़ ने विज्ञान वर्ग में अविश्वसनीय 99.20% अंक हासिल कर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

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garima jangid

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं विज्ञान वर्ग के नतीजों में इस बार प्रतिभाओं ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। झुंझुनू जिले में नवलगढ़ उपखंड के सोटवारा गांव की रहने वाली गरिमा जांगिड़ ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो करोड़ों छात्रों का सपना होता है। गरिमा ने कुल 500 में से 496 अंक प्राप्त किए हैं।

बलवंतपुरा में जश्न का माहौल

नवलगढ़ के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बलवंतपुरा की छात्रा गरिमा की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही स्कूल परिसर में होली और दिवाली जैसा माहौल हो गया। स्कूल के निदेशक बीरबल सिंह गोदारा ने गरिमा को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे स्कूल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।

तीन विषयों में 100 में से 100

गरिमा की मार्कशीट किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कठिन माने जाने वाले विषयों में पूर्ण अंक प्राप्त कर विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है:

  • अंग्रेजी: 100/100
  • भौतिक विज्ञान (Physics): 100/100
  • गणित (Maths): 100/100
  • रसायन विज्ञान (Chemistry): 99/100
  • हिन्दी: 97/100

कारपेंटर पिता का सिर गर्व से हुआ ऊंचा

गरिमा की सफलता की कहानी संघर्ष और सादगी की मिसाल है। उनके पिता पितराम जांगिड़ पेशे से कारपेंटर (खाती) हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जारी किए नतीजे

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम जारी करते हुए सभी सफल छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मंत्री ने कहा कि राजस्थान के ग्रामीण अंचलों से निकलकर बेटियां जिस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में टॉप कर रही हैं, वह 'विकसित राजस्थान' की संकल्पना को साकार कर रहा है।

शेखावाटी बना 'एजुकेशन हब' का सिरमौर

एक बार फिर झुंझुनूं और सीकर (शेखावाटी क्षेत्र) ने साबित कर दिया है कि इसे राजस्थान की 'शिक्षा की राजधानी' क्यों कहा जाता है। गरिमा की इस सफलता ने न केवल नवलगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश के उन छात्रों को नई प्रेरणा दी है जो छोटे गांवों से आते हैं और बड़े सपने देखते हैं।