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लाल प्याज की मांग में बढ़ोतरी से किसानों में उत्साह

—प्याज के भंडारण पर सरकारी अनुदान झुंझुनूं के उदयपुरवाटी के पहाड़ी क्षेत्र के लाल प्याज की अच्छी मांग के चलते हर साल इसकी खेती का रकबा बढ़ रहा है। प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली की मंडियों में इसकी बिक्री होती है
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लाल प्याज की मांग में बढ़ोतरी से किसानों में उत्साह

लाल प्याज की मांग में बढ़ोतरी से किसानों में उत्साह

किसानों की आय का मुख्य जरिया
झुंझुनूं के उदयपुरवाटी, जहाज, काटलीपुरा, पचलंगी, टोडपुरा, राजीवपुरा, मणकसा, छापौली में लाल प्याज की खेती बड़े पैमाने पर होती है। लाल प्याज व प्याज के बीज की फ सल किसानों की आय का मुख्य जरिया बन गई है।

पौध की भी बिक्री बढ़ी
प्याज की पौध की बिक्री भी बढ़ रही है। प्याज की खेती करने वाले किसान मोतीलाल सैनी उदयपुरवाटी,भागीरथमल सैनी, शंकर लाल सैनी, छोटूराम सैनी, शिंभूदयाल सैनी, श्यामलाल सैनी, संजू देवी, मीरा देवी, नानची देवी, पांची देवी बताया की खेतों में प्याज तैयार करने की प्रति किलो 9 से 10 रुपए लागत आती है। पिछली बार बढ़े प्याज के भाव की वजह से किसानों में उत्साह है।

इनका कहना है—
झुंझुनूं जिले में इस वर्ष प्याज का रकबा लगभग 3,550 हेक्टेयर में है। प्याज के भंडारण के लिए 87, 500 रुपए तक अनुदान मिलता है। किसानों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
शीशराम जाखड़, सहायक निदेशक उद्यान, उद्यान विभाग झुंझुनूं

अरुण शर्मा — पचलंगी