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संदीप धेतरवाल: आरपीएस बनने की प्रेरणादायक कहानी

घर पर रहकर पढाई नियमित जारी रखी। कभी कोचिंग नहीं की। केवल दिखाने के लिए नहीं बल्कि मन से व पूरी मेहनत से पढाई की, माता-पिता ने पूरा सपोर्ट किया। नतीजा अब राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) में काम करने का सपना पूरा हुआ है।

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संदीप धेतरवाल: आरपीएस बनने की प्रेरणादायक कहानी

संदीप धेतरवाल: आरपीएस बनने की प्रेरणादायक कहानी

Rps sandeep dhetarwal

झुंझुनूं. सातवीं तक गांव के सरकारी स्कूल में पढाई की। पूरे पढाई हिन्दी माध्यम से की। यहां तक कि स्नातक की पढाई भी नियमित नहीं कर स्वयंपाठी के रूप में की, लेकिन घर पर रहकर पढाई नियमित जारी रखी। कभी कोचिंग नहीं की। केवल दिखाने के लिए नहीं बल्कि मन से व पूरी मेहनत से पढाई की, माता-पिता ने पूरा सपोर्ट किया। नतीजा अब राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) में काम करने का सपना पूरा हुआ है।

यह कहना है राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मलसीसर के निकट टमकोर गांव निवासी राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी संदीप कुमार धेतरवाल का। संदीप ने पुलिस एकेडमी जयपुर में ट्रेनिंग पूरी की है। मुख्यमंत्री ने उनको पासिंग परेड के बाद पद की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया, सपना शुरू से ही सरकारी अधिकारी बनने का था। इसमें मेरे फौजी पिता महावीर सिंह धेतरवाल व मां सरोज देवी का सबसे ज्यादा योगदान रहा।

युवाओं को संदेश

-आपका पढाई का सर्किल श्रेष्ठ रहना चाहिए।

-विषय कोई भी हो नियमित पढाई बहुत जरूरी है।

-मैंने कोचिंग नहीं की, लेकिन कोचिंग अच्छी हो तो उसके फायदे होते हैं।

-सबसे जरूरी है परिवार का सपोर्ट।


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