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अब आप अपने घर को बना सकते हैं होटल, जानिए क्या है पूरी योजना

गेस्ट हाऊस का संचालन आवासीय या रिहायशी घरों में किया जा सकता है। इसके तहत कम से कम छह से अधिकतम 23 कमरे हो सकते हैं। जबकि अधिकतम बैड की संख्या 40 हो सकती है। इनमें से तीन कमरों का उपयोग जमीन मालिक या पट्टेदार द्वारा किया जा सकेगा। योजना के तहत पट्टेदार को स्वयं के परिवार के साथ गेस्ट हाऊस में रहना अनिवार्य है।

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अब आप अपने घर को बना सकते हैं होटल, जानिए क्या है पूरी योजना

अब आप अपने घर को बना सकते हैं होटल, जानिए क्या है पूरी योजना

झुंझुनूं. अब व्यक्ति अपने घर को भी बिना भू उपयोग परिवर्तन करवाए होटल की तरह काम ले सकेंगे। पर्यटन विभाग ने इसे पेइंग गेस्ट योजना नाम दिया है।
पर्यटन विभाग की इस योजना में बदलाव आने से अब जिले में पेइंग गेस्ट हाउस खोलना आसान हो गया है। अब कोई भी स्व घोषणा के साथ आसानी से पेइंग गेस्ट हाउस खोल सकता है। योजना के तहत आवेदनकर्ता द्वारा पर्यटन विभाग में स्व घोषणा पत्र पर सात दिनों में विभाग के अधिकारी द्वारा अल्पकालीन पंजीकरण कर दिया जाएगा। इसकी वैद्यता छह माह रहेगी। इस अवधि के दौरान आवेदनकर्ता अपने रिहायशी घर जिसमें वह स्वयं निवास कर रहा है उसमें पर्यटकों के लिए सशुल्क होम स्टे (पेईंग गेस्ट हाउस) का संचालन कर सकता है।

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इन चार प्रावधानों के जरिए समझें योजना को

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1. फिलहाल शहरी क्षेत्रों में लागू, ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द:

पर्यटन विभाग की इस योजना को प्रदेश के सभी नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगम क्षेत्रों में लागू किया गया है। विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग से योजना बनाई जा रही है ।
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2. अधिकतम हो सकेंगे 23 कमरे, परिवार का रहना अनिवार्य:
गेस्ट हाऊस का संचालन आवासीय या रिहायशी घरों में किया जा सकता है। इसके तहत कम से कम छह से अधिकतम 23 कमरे हो सकते हैं। जबकि अधिकतम बैड की संख्या 40 हो सकती है। इनमें से तीन कमरों का उपयोग जमीन मालिक या पट्टेदार द्वारा किया जा सकेगा। योजना के तहत पट्टेदार को स्वयं के परिवार के साथ गेस्ट हाऊस में रहना अनिवार्य है।

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3. भूखंड का आकार 167 स्क्वायर मीटर:

गेस्ट हाउस के लिए भूखंड का आकार कम से कम 167 स्क्वायर मीटर होना आवश्यक है। सड़क की चौड़ाई 30 फीट होना जरूरी है। जबकि कमरे का आकार 10 गुणा 12 स्कवॉयर फीट होना चाहिए। कमरों में अटैच बाथरूम आवश्यक है।
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4. चार दस्तावेज देने पर अनुमति का प्रावधान:
गेस्ट हाउस की अनुमति के लिए चार दस्तावेज आवश्यक है। इसमें एफएसएसएआई लाईसेंस, फायर एनओसी, लीज डीड संबंधित दस्तावेज व आर्किटेक्ट की ओर से प्रमाणित बिल्डिंग प्लान की कॉपी देनी होगी।

यहां होगा फायदा
जिले में सबसे ज्यादा पर्यटक मंडावा, झुंझुनूं, नवलगढ़, महनसर में आते हैं। लेकिन रुकते मंडावा में ज्यादा हैं। इसके अलावा खेतड़ी में पैंथरों की संख्या बढऩे से वहां भी पर्यटक बढ़ेंगे। योजना का फायदा वहां के लोगों को भी मिलेगा।


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इनका कहना है

पर्यटकों को उपलब्ध कराई जानी वाली सुविधाओं के आधार पर गेस्ट हाऊस का वर्गीकरण किया जाएगा । गेस्ट हाउस का समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सके और राजस्थान घूमने आने वाले पर्यटक यहां से अच्छा संदेश लेकर जाए।
गोविन्द सिंह डोटासरा, पर्यटन राज्य मंत्री

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प्रक्रिया को किया सरल

विभाग की ओर से पेइंग गेस्ट हाउस योजना को सरल किया गया है। अब पेइंग गेस्ट हाउस खोलने के लिए कमेटी के समक्ष आवेदन नहीं करना होगा। योजना सरल होने से पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।
-देवेंद्र चौधरी, सहायक निदेशक, पर्यटन विभाग झुंझुनंू.