
गुढ़ागौडज़ी (झुंझुनूं)। सरपंच रणवीर सिंह गुर्जर और ग्रामसेवक रामनिवास मूण्ड पर विकास कार्यों में अनियमिता बरतने का थाने में पंचायत समिति उदयपुरवाटी के विकास अधिकारी ने मामला दर्ज कराया है। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत द्वारा त्योहार पर बिना सफाई कराए ही करीब पांच लाख रुपए का भुगतान उठा लेने और अपने चहेतों को लाभ दिलाने के लिए खातेदारी की भूमि पर पानी की टंकी बनाने और उनके निर्माण में घटिया सामग्री लगाने के साथ ही बिना टेंडर के ही 10 लाख के बजाय 20 लाख रुपए की एलईडी खरीदने सहित कई अनियमिताएं उजागर की थी।
पुलिस ने बताया कि विकास अधिकारी भागीरथमल ने मंगलवार को इस संबंध में थाने में मामला दर्ज कराया है। दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक, कस्बे में एक दिसम्बर को सरकार के जनसंवाद के दौरान ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यो में अनियमिताएं बरतने, सरकारी राशि का दुरूपयोग करने की शिकायत की गई थी। इस पर एसडीएम उदयपुरवाटी के नेतृत्व में जांच कमेटी ने ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की जांच की थी।
इसके अलावा जिला परिषद के सीईओ द्वारा गठित जांच कमेटी ने भी ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की जांच की थी। दोनों ही जांच कमेटियों ने अपनी रिपोर्ट में ग्राम पंचायत द्वारा पिछले तीन वर्ष में पानी की टंकी, ग्रेवल सड़क, सीसी सड़क बनाने और एलईडी खरीदने के अलावा कस्बे में सफाई कराने में भारी अनियमिताएं होने का मामला उजागर करते हुए करीब 44 लाख रुपए की सरकारी राशि के गबन की रिपोर्ट दी थी। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बीडीओ ने जांच कमेटी की रिपोर्ट की प्रति संलग्न की है।
इनका कहना है-
कस्बे में हुए जनसंवाद कार्यक्रम में इसकी शिकायत की थी। जांच रिपोर्ट में करीब 44 लाख रूपए की राशि का दुरूपयोग माना है। यह राशि दोषियों से वसूल करने के साथ उन पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। - नरेश कुमावत, पूर्व पंचायत समिति सदस्य, शिकायत कर्ता
राजनीति के चलते फंसाया-
जांच कमेटी की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर पंचायती राज मंत्री से दुबारा जांच करने का निवेदन किया था। जिस पर दूसरी जांच कमेटी का भी गठन हो गया है। इसके आदेश भी जारी हो चुके हैं। यह मामला राजनीतिक दबाव के चलते दर्ज करवाया गया है। मैं निर्दोष हूं। मुझे फंसाया जा रहा है, जबकि एक अन्य सरपंच पर तो 66 लाख के गबन का आरोप है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। - रणवीर सिंह गुर्जर,सरपंच गुढ़ागौड़जी
सभी कार्य नियमानुसार करवाए गए हैं। कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी हो चुके हैं। नियमानुसार ही भुगतान किया गया है। इसके बावजूद जांच कमेटी ने अनियमितताएं बरतने की बात कही है, तो इसके लिए पहले नोटिस दिए जाने चाहिए थे। -रामनिवास मूण्ड,ग्राम सेवक
Published on:
15 Jan 2018 10:08 pm
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