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जानें कब है एसईएएस सर्वे, क्या होगा इसका फायदा

बच्चों को लिखित परीक्षा के पेपर दिए जाएंगे। पेपर का स्तर हर कक्षा का अलग होगा। पेपर में हिन्दी, अंग्रेजी व गणित के सवाल पूछ जाएंगे। इस सर्वे से यह पता चलेगा बच्चा किस विषय में कमजोर है और किस में होशियार। राजस्थान में तीन नवम्बर को सर्वे किया जाएगा।

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जानें कब  है  एसईएएस सर्वे, क्या होगा इसका फायदा

जानें कब है एसईएएस सर्वे, क्या होगा इसका फायदा

Seas Exam 2023

बच्चों को गणित डरा रही है या अंग्रेजी। उनको हिन्दी के शब्द कठिन लग रहे हैं या अंग्रेजी का अनुवाद। बच्चे किस विषय में कमजोर है और किस विषय में होशियार हैं। इसका पता लगाने के लिए राजस्थान सहित पूरे देश में तीन नवम्बर को सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे का राजस्थान में नाम राज्य स्तरीय शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण (एसईएएस) नाम दिया गया है। जिले के 448 स्कूलों में एक साथ सर्वे किया जाएगा। सर्वे में उन्नीस हजार 741 बच्चों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे की तैयारी को लेकर शुक्रवार को डाइट सभागार में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा विभाग की संयुक्त निदेशक अनुसूइया व डाइट प्रधानाचार्य अमीलाल मूंड ने सर्वे से जुड़े जरूरी निर्देश दिए। प्रशिक्षण में सीबीइओ राजेन्द सिंह, जयदीप, नीलिमा यादव, कैलाश चंद्र शर्मा, शकुंतला गुर्जर, सुमन आबूसरिया, मास्टर ट्रेनर योगेन्द्र सिंह व डॉ प्रवीण कुमार सहित सभी ब्लॉक के समन्वयक मौजूद रहे।


यह बच्चे शामिल होंगे

-कक्षा तीन, छह व नौ के छात्र-छात्राएं


ऐसे होगा सर्वे, यह है मकसद

बच्चों को लिखित परीक्षा के पेपर दिए जाएंगे। पेपर का स्तर हर कक्षा का अलग होगा। पेपर में हिन्दी, अंग्रेजी व गणित के सवाल पूछ जाएंगे। इस सर्वे से यह पता चलेगा बच्चा किस विषय में कमजोर है और किस में होशियार। इसके अलावा क्षेत्र के आधार पर भी यह सच सामने आएगा कि किस ब्लॉक के बच्चों में किस विषय पर ज्यादा पकड़ है। किस राज्य में बालकों को कौनसा विषय कठिन और आसान लग रहा है। इस सर्वे का उम्र वार, राज्य वार, जेंडर वार व विषयवार बारीकी से विश्लेष्ण किया जाएगा। इसके बाद एक्सपर्ट से राय लेकर उसी प्रकार की योजना बनाई जाएगी। विद्यार्थी किन क्षेत्रों में कम सीख पा रहे हैं उसके आधार पर एनसीईआरटी अपने पाठ्यक्रम को बनाएगी।