
95 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने के लिए कैसे करें पढ़ाई
झुंझुनूं. आज के जमाने हर कोई पढाई पर ध्यान दे रहा है। लेकिन फिर भी किसी के 60 फीसदी अंक आते हैं तो किसी के 45 से भी कम। कोई टॉपर आता है तो किसी के 98 प्रतिशत अंक।
#tips of toppers
आज हम आपको उन चुनिंदा विद्यार्थियों की पढाई के तरीकों के बारे में आपको बता रहे हैं। उन्होंने कैसे अपनी दिनचर्या रखी। कैसे पढाई की। कितनी देर पढ़ाई की। जानिए 95 प्रतिशत से अंधिक अंक लाने वालों की जुबानी।
#How to get more marks
टॉपर्स के टिप्स
-सुबह 4-5 बजे उठें
- जो पाठ हमें स्कूल में पढाया जाना है, उसे सुबह पढकर जाएं।
- जो समझ में नहीं आए उसे शिक्षक से पूछें।
- मन में सकारात्मक सोच रखें।
- स्कूल से आने के बाद 4 से 5 घंटे जरूर पढ़ें।
- पढ़ाई नियमित यानि हर दिन होनी चाहिए।
- कोई सा भी खेल जरूर खेलें।
-मोबाइल व सोशल साइट्स से दूर रहें।
-तनाव में नहीं रहें।
#sachin kumawat jhunjhunu
हर दिन चार बजे उठकर पढ़ाई करता था सचिन
सर्दी, गर्मी हो या बरसात। मैं हर दिन सुबह चार बजे उठकर नियमित पढ़ाई करता था। मंडावा के पास कांट हमारा गांव है, लेकिन मां पढ़ाने के लिए मकान किराया लेकर झुंझुनूं रहती है। अब मैं बड़ा होकर आइएएस अधिकारी बनना चाहता हूं। यह कहना है माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बारहवीं विज्ञान में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले झुंझुनूं एकेडमी के छात्र सचिन कुमावत का। सचिन के पिता राजकुमार दुबई में काम करते हैं, जबकि मां सुनीता गृहिणी है। उसने बताया कि वह हर दिन स्कूल के अलावा 5 से 7 घंटे पढ़ाई करता था। कभी ट्यूशन भी करने नहीं गया। केवल स्कूल और घर पर ही पढ़ाई करता था। उसने बताया कि पढ़ाई में शिक्षकों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। कभी मोबाइल का उपयोग नहीं करता था। जब परिणाम आया तब सचिन अपने ननिहाल काकोड़ा गया हुआ था। वहीं उसके नाना नानी ने मिठाई खिलाई। झुंझुनूं एकेडमी स्कूल समूह(जीवेम) के चेयरमैन डॉ दिलीप मोदी ने बताया कि शिक्षकों की मेहनत से यह सफलता प्राप्त की जा सकी है। सचिन ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों की मेहनत व परिजनों के आशीर्वाद से वह इतने अंक प्राप्त कर सका।
#deepak saini jhunjhunu
आइएएस बनाना चाहता है दीपक सैनी
खेतड़ी. नानूवाली बावड़ी ग्राम पंचायत की ढाणी चूड सिंह के दीपक सैनी ने सीनियर सैकण्डरी परीक्षा में 95.85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हंै। दीपक वायु सैनिक उच्च माध्यमिक विद्यालय राजोता का छात्र है। दीपक सैनी ने बताया कि वह प्रतिदिन स्कूल के अलावा 6 घंटे घर पर पढाई करता था। भविष्य में वह आईएएस अधिकारी बनना चाहता है। दीपक के पिता जयपुर में मुनीम का कार्य करते है तथा माता कमलेश देवी गृहिणी है। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व विद्यालय की प्रधानाचार्या सविता सिहाग की प्रेरणा को दिया।
#priti kulhari
हर दिन छह घंटे पढ़ती थी प्रीति कुल्हरी
झुंझुनूं के गणपति नगर स्थित राजस्थान पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रीति कुल्हरी ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। प्रीति ने बताया कि वह हर दिन छह घंटे पढाई करती थी। वह हर दिन अपने गांव बींजूसर से बस से आती-जाती थी। उसके पिता महेन्द्र कुल्हरी गांव में खल चूरी का कार्य करते हैं, जबकि मां मंजू गृहिणी है। उसने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता शिक्षकों स्कूल के निदेशक प्यारेलाल ढूकिया व पीयूष ढूकिया को दिया है। प्रीति ने बताया कि जब वह तनाव में होती है तब गाने गाती है।
#neeraj budaniya
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पिलानी कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र स्थित आदर्श विद्या निकेतन विद्यालय के छात्र नीरज बुडानियां ने 12 वीं विज्ञान वर्ग में 98.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। क्षेत्र के बुडानिया गांव निवासी शीशराम बुडानिया तथा सुन्दर देवी का बेटा नीरज अपने गांव से प्रतिदिन बस में सवार होकर करीब 18 किलोमीटर दूर स्कूल आता था। इसके बाद भी वह प्रतिदिन 5 से 6 घंटे नियमित रूप से पढाई करता था। नीरज को क्रिकेट खेलना पंसद है। इसलिए वह कुछ समय निकाल कर अपने दोस्तों के साथ रोज क्रिकेट खेलता था। नीरज एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश की सरहद की रक्षा करना चाहता है। उसने बताया कि देश के दुश्मनों को ठिकाने लगाना उसका मकसद है। परिवार में उसके चाचा भी सीआरपीएफ में है। हर दिन सरहद पर आतंकी हमले होने की खबर पढ़कर उसने तय किया है वह सेना में अधिकारी बनेगा। उसने कहा कि दो दिन पढऩे और फिर 5 दिन नहीं पढऩे से पढाई नहीं होती। पढ़ाई के लिए नियमित अभ्यास जरूरी है।
Published on:
09 Jul 2020 10:41 pm
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