19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहाड़ी क्षेत्र में भी चुकंदर की खेती कर कमा रहे मोटा मुनाफा

farming of sugar beet : चुकंदर सहित अन्य फल व सब्जियों की खेती में देसी गाय के गोबर की खाद ही काम में ली जाती है। जरूरत पड़ने पर ऑर्गेनिक खाद भी काम में ले सकते हैं। कृषि पर्यवेक्षक प्रह्लाद जांगिड़ व पूरण प्रकाश के अनुसार नवाचार के कारण ही यह सब संभव हो रहा है।

2 min read
Google source verification
पहाड़ी क्षेत्र में भी चुकंदर की खेती कर कमा रहे मोटा मुनाफा

पहाड़ी क्षेत्र में भी चुकंदर की खेती कर कमा रहे मोटा मुनाफा

झुंझुनूं. चुकंदर की खेती के लिए यूं तो पोली जमीन की आवश्यकता होती है लेकिन झुंझुनूं जिले के पहाड़ी क्षेत्र में भी किसान छाटे स्तर पर चुकंदर की खेती कर रहे हैं। इसके लिए देसी गाय के गोबर की खाद काम में ली जा रही है। खास बात यह है कि चुकंदर की खेती में लागत कम आती है। उदयपुरवाटी उपखंड के पहाड़ी क्षेत्र के मंडावरा, मावता काटलीपुरा सहित अन्य गांवों में चुकंदर की खेती कर किसान मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

देसी खाद से तैयार करते हैं फसल

किसान सुलोचना ने बताया कि चुकंदर सहित अन्य फल व सब्जियों की खेती में देसी गाय के गोबर की खाद ही काम में ली जाती है। जरूरत पड़ने पर ऑर्गेनिक खाद भी काम में ले सकते हैं। कृषि पर्यवेक्षक प्रह्लाद जांगिड़ व पूरण प्रकाश के अनुसार नवाचार के कारण ही यह सब संभव हो रहा है।


सिंचाई कम, सर्दी-गर्मी का प्रभाव कम

चुकंदर की फसल में सिंचाई की आवश्यकता कम रहती है। चुकंदर की फसल पर सर्दी व गर्मी का भी प्रभाव कम रहता है। ऐसे में बदले मौसम से नुकसान की आशंका कम रहती है।


यह है बुवाई का समय

किसान कजोड़ कुमावत ने बताया कि एक वर्ष में तीन बार चुकंदर की फसल तैयार की जा सकती है। अक्टूबर-नवंबर में बुवाई करने पर जनवरी-फरवरी में फसल तैयार होती है। जनवरी में बुवाई कर अप्रैल-मई में और अगस्त में बुवाई कर अक्टूबर में फसल तैयार की जा सकती है।

कम खर्च, आमदनी ज्यादा

किसान कजोड़ व सुलोचना के अनुसार चुकंदर की फसल तैयार करने के लिए प्रति बीघा 10 से 12 हजार रुपए का खर्च आता है। एक बीघा में 18 से 20 क्विंटल चुकंदर की पैदावार हो जाती है। इसका बाजार भाव 25 से 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिलता है। किसान को प्रति बीघा के हिसाब से 25 से 35 हजार रुपए आमदनी होती है।
किसान फल व सब्जियों में नवाचार कर कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र सहित अन्य गांवों में भी किसान छोटे पैमाने पर चुकंदर की खेती कर रहे हैं।

शीशराम जाखड़, सहायक निदेशक उद्यान झुंझुनूं


बड़ी खबरें

View All

झुंझुनू

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग