
आपको चने का सबसे अच्छा बीज चाहिए तो चले आइए झुंझुनूं
राजेश शर्मा
झुंझुनूं. यदि आप किसान हैं और अपने खेत में चने के अच्छे बीज की बुवाई करना चाहते हैं । आप बीज भी सस्ता और सरकारी दर पर लेना चाहते हो तो राजस्थान के झुंझुनूं जिले के आबूसर गांव में चले आइए। यहां बीज लेने वालों की इन दिनों कतार लगी हुई है।
कृषि विज्ञान केन्द्र आबूसर के चने के बीज की मांग राजस्थान के एक दर्जन जिलों के अलावा जम्मू तक भी है। किसान व संगठन यहां से बीज लेकर जा रहे हैं। एक फूल पर दो घेघरी वाले चने की बीज की किस्म तो श्रीगंगानगर ने विकसित की है। लेकिन इसके बीज का उत्पादन केवीके आबूसर में किया जा रहा है। यह बीज की नई किस्म है। इसे जीएनजी 2144 कहते हैं। किसानों के बीच यह तीज नाम से भी लोकप्रिय है। यह बीज किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर 72 रुपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
#The best seed of gram
इस बीज को चूरू, सरदारशहर, चौमूं, कोटा, मौलासर, नागौर, फलौदी, लूणकरणसर व उदयपुर सहित एक दर्जन से अधिक जिलों के किसान ले जा चुके। इसके अलावा जम्मू के कठुआ,आरएसपुरा, सांभा सहित पांच जिलों के किसान भी इस बीज को मंगवा चुके।
#kvk abusar
विशेषता
-एक फूल पर दो घेघरी आती है।
-यह चने की नई किस्म है।
- 130से 135 दिन में फसल पक जाती है।
-कम पानी में भी फसल तैयार हो जाती है।
-पछेती बुवाई करने पर भी उत्पादन पर असर नहीं पड़ता।
- औसत उत्पादन बीस से 23 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है।
#news abusar
कुल 378 क्विंटल उत्पादन
चने की किस्म के विकास, इसके उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार से डेढ करोड़ रुपए आए थे। उसके तहत किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। यहां पिछले वर्ष चने के प्रजनक बीज का उत्पादन 138 क्विंटल तथा किसानों को दिए जाने वाले बीज का उत्पादन 240 क्विंटल हुआ है। कुल 378 क्विंटल बीज का उत्पादन किया है।
#the best kvk abusar
प्रजनक बीज केवल कृषि विज्ञान केन्द्रों को ही बीज उत्पादन के लिए दिया जा रहा है। इसमें से अधिकांश बीज बिक चुका है। राजस्थान राज्य बीज निगम को भी यह बीज दिया गया है।
#abusar in jhunjhunu
इनका कहना है
केवीके पर 378 क्विंटल चने के बीज का उत्पादन हुआ है। यहां के चने की मांग राजस्थान के एक दर्जन से अधिक जिलों के अलावा जम्मू के पांच जिलों में भी है। जम्मू के पांच जिलों के किसान व केवीके ने यह बीज मंगवाया है। इस बीज की विशेषता यह है कि यह इसके हर फूल पर दो घेघरी आती है। यह नई किस्म है।
-डॉ दयानंद, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र आबूसर झंझुनूं
Published on:
29 Oct 2020 09:45 pm
बड़ी खबरें
View Allझुंझुनू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
