
सारी गांव के सरकारी स्कूल की दीवारों की पेंटिंग सुधारेगी पढ़ाई का माहौल
सारी गांव के सरकारी स्कूल की दीवारों की पेंटिंग सुधारेगी पढ़ाई का माहौल
बगड़. निकट के सारी गांव का सरकारी विद्यालय इन दिनों बदला-बदला सा नजर आ रहा है। यहां अनेक विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी दीवारों पर ऐसी पेंटिंग कर रहे हैं ताकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल पहले से बेहतर बने।
पीरामल फाउंडेशन की फेलो की ओर से प्रोजेक्ट सांझी के अंतर्गत अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छह वॉलेंटियर
सारी गांव के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में दीवारों पर पेंटिंग कर रहे हैं। सांझी प्रोजेक्ट जुलाई 2018 से चिड़ावा ब्लॉक के विद्यालयों में चल रहा है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 25 पेंटिंग बनाई गई है। पीरामल फाउंडेशन की फेलो गनीता ने बताया कि पिछले छह माह में आयोजित तीन कैम्प में सांझी के अंतर्गत लगभग सौ भित्ति चित्र चिड़ावा ब्लॉक के अलग-अलग विद्यालयों में बन चुके हैं। तीनों कैम्प में 25 वॉलेंटियर अलग-अलग समय पर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में चित्रकारी कर चुके है। सारी के प्राचार्य अजीत सिंह शेखावत का भी विशेष सहयोग रहा। सांझी में भित्ति चित्रों के माध्यम से विद्यालय में पढ़ाई सीखने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे विद्यार्थियों का विद्यालय के प्रति जुड़ाव बढ़ता है और वो नियमित स्कूल में आते हैं। इनसे कुछ नया सीखने को मिलता है। प्रत्येक पेंटिंग एक संदेश देती है जो कक्षा कक्ष के बाहर भी सीखने के अवसर पैदा करती है। हर एक चित्र में अध्यापक एवं बच्चों के बीच में संवाद के मौके मिलते है।
इन वॉलेंटियरों ने भाग लिया
सांझी प्रोजेक्ट में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली से नंदिनी कानन, इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय दिल्ली से ओजस्विनी सौंधी, दिल्ली विश्वविद्यालय से कृतिका वर्मा, ज्योति यादव, यस्तिका कालरा एवं राधिका के वॉलेंटियरों ने भाग लिया।
गांव के युवाओं को सिखा रहे चित्रकला
पीरामल फाउंडेशन के फेलो एवं वॉलेंटियर गांवों की प्रतिभाओं, युवाओं एवं बच्चों को चित्रकारी भी सिखा रहे हैं।
Published on:
08 Jan 2019 01:17 pm
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