scriptसरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फौज, लेकिन पढ़ाएं किसे | There is an army of teachers in government schools, but whom should they teach? There are no students | Patrika News
झुंझुनू

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फौज, लेकिन पढ़ाएं किसे

नामांकन कम वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को नामांकन कम होने पर नोटिस दिए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से 117 विद्यालयों को कम नामांकन होने पर नोटिस दिए गए हैं।

झुंझुनूJun 15, 2024 / 12:34 pm

Jitendra

Bad condition of government schools

बुहाना उपखंड के रायपुर अहिरान गांव का स्कूल। जहां पर एक दर्जन से ज्यादा ​शिक्षक, बच्चे दस भी नहीं।

Bad condition of government schools : सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए भले ही अभियान चलाया जा रहा हो लेकिन बच्चों की संया बढ़ना तो दूर जो बच्चे पहले से पढ़ रहे थे, उन्हें भी रोक पाना मुश्किल हो रहा है। कई सरकारी स्कूल तो ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संया विद्यार्थियों से ज्यादा है। ऐसे में जाहिर है कि सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाए जाने के लिए कोई खास प्रयास स्थानीय स्तर पर नहीं किए गए। हकीकत यह है कि प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं जिनमें नामांकन शून्य, पांच, दस व 50 से भी कम हैं। माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा विभाग के ढाई सौ के करीब ऐसे स्कूल हैं जहां पर नामांकन शून्य, पांच, दस व पचास से कम है। इसका खुलासा हाल ही में हुई जिला निष्पादन समिति की बैठक में हुआ।

21 विद्यालयों में नामांकन शून्य

प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत ऐसे विद्यालय भी हैं जहां पर एक भी विद्यार्थी का नामांकन नहीं है। 21 ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए हैं जहां पर स्कूलों में बच्चे नहीं हैं, जबकि शिक्षक मोटी तनवाह उठा रहे हैं।

शून्य नामांकन वाले विद्यालय

राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनावता, अमरपुरा खुर्द, बहरियावाली ढढाणी, अंबेडकर मोहल्ला सोटवारा, भालेखान की ढाणी, ढाका की ढाणी, ढाणी खेरली, ढेंवा की जोहड़ी पोषाणा, गोरधनपुरा, करावाली छावश्री, खीमाना जोहड़, कौशलपुरा, महरपुर, मीणा की ढाणी बजावा, सांवलवाला जोहड़, टीकपुरा, वार्ड नंबर 13 पिलानी, वार्ड नंबर चार सूरजगढ़, महलों की ढाणी, उदयपुरवाटी गणेशपुरा, खेतडी व राजकीय बालिका प्राथमिक स्कूल पन्ना की ढाण, उदयपुरवाटी स्कूलों में एक भी बच्चे का नामांकन नहीं है।

माध्यमिक: सैकड़ों स्कूल जहां नामांकन पचास ही नहीं

प्रारंभिक शिक्षा के अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित स्कूलों का भी यही हाल है। विभाग के अंतर्गत संचालित सैकड़ों ऐसे स्कूल हैं जिनमें नामांकन 50 या इससे कम है। कई विद्यालय तो ऐसे हैं जहां पर महज सात से दस विद्यार्थी हैं जबकि इनमें शिक्षकों की संया विद्यार्थियों से ज्यादा है।

अब संस्था प्रधानों को टिकाए नोटिस

नामांकन कम वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को नामांकन कम होने पर नोटिस दिए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से 117 विद्यालयों को कम नामांकन होने पर नोटिस दिए गए हैं।

ब्लॉक वाइज स्थिति जहां नामांकन पांच व दस या इससे कम

अलसीसर में 18

बुहाना में 17

चिड़ावा में 18

झुंझुनूं में 17

खेतड़ी में 28

मंडावा में 14
नवलगढ़ में 27

पिलानी में 18

सिंघाना में 17

सूरजगढ़ में 21

उदयपुरवाटी में 34

(आंकड़े निष्पादन कमेटी में उठे मुददे के अनुसार )

Hindi News/ Jhunjhunu / सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फौज, लेकिन पढ़ाएं किसे

ट्रेंडिंग वीडियो