
झुंझुनूं में दो डॉक्टरों ने किया सीएमएचओ होने का दावा
झुंझुनूं में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद को लेकर दो डॉक्टरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई है। इस पद पर पिछले दिनों राज्य सरकार ने आदेश जारी कर डॉ. छोटेलाल गुर्जर को लगाया था। लेकिन उनसे पहले इस पद पर कार्यरत डॉ. राजकुमार डांगी हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आए। डॉ. डांगी ने शनिवार को सीएमएचओ की कुर्सी पर बैठकर कामकाज भी शुरू कर दिया।
बिना अनुभव के अन्य को बना दिया था सीएमएचओ -डॉ. राजकुमार डांगी
डॉ. राजकुमार डांगी ने कहा कि राजस्थान हाइकोर्ट के आदेशों की पालना में सीएमएचओ का पद संभाला है। राज्य सरकार ने अनुभव को दरकिनार करते हुए मेरा तबादला चिकित्सा निदेशालय जयपुर कर दिया था। जबकि 1994 में आरपीएससी की ओर से चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्त हुआ हूं। वर्ष 2011 में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदोन्नति मिली। इसके बावजूद तीस वर्षों के अनुभव को दरकिनार कर बिना अनुभव के अन्य को सीएमएचओ लगा दिया गया। नियमानुसार 20 वर्षों के अनुभवी चिकित्सक ही सीएमएचओ पद पर नियुक्त होने के लिए उपयुक्त हैं। डांगी ने कहा कि राज्य सरकार ने दुर्भाग्यपूर्ण तथा अनुभव को दरकिनार करते हुए उनका तबादला किया है।
डांगी ने जल्दबाजी दिखाई है, सरकार के आदेश तो मेरे पास है—डॉ. छोटेलाल गुर्जर
डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि उन्हें राज्य सरकार ने झुंझुनूं सीएमएचओ के पद पर लगाया है। सरकार के आदेशानुसार वे ही इस पद पर पदस्थापित हैं। वह इस पद पर बने रहेंगे और अपने कार्य को बखूबी निभाते रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का और बेहतर क्रियान्वयन करने का प्रयास करेंगे। डॉ. गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें ही पदस्थापित किया है और निष्ठापूर्वक काम करता रहूंगा। फिहलाल पद छोडऩे से संबंधित कोई आदेश उनके पास नहीं आया है। हाइकोर्ट ने डॉ. राजकुमार डांगी को कुछ समय के लिए स्थगन आदेश दिया है। मामले को राज्य सरकार देखेगी। डॉ. डांगी ने जल्दबाजी में ज्वाइन कर लिया।
Published on:
17 Mar 2024 09:52 pm
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