11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों का टोटा, इस बड़ी वजह से नहीं हो रही भर्ती

Physical Teacher: राजस्थान में सरकारी स्कूलों में लम्बे समय से शारीरिक शिक्षक के पद खाली है। सरकारी स्कूल के छात्र-छात्रा पढाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, गांव के खिलाड़ी पहले भी पदक जीत चुके हैं, लेकिन अब उनको खेल सिखाने वाले शारीरिक शिक्षक नहीं मिल रहे।

2 min read
Google source verification
photo_6316499091470792899_x_1.jpg

Physical Teacher: राजस्थान में सरकारी स्कूलों में लम्बे समय से शारीरिक शिक्षक के पद खाली है। सरकारी स्कूल के छात्र-छात्रा पढाई के साथ खेलों में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, गांव के खिलाड़ी पहले भी पदक जीत चुके हैं, लेकिन अब उनको खेल सिखाने वाले शारीरिक शिक्षक नहीं मिल रहे। सामान्य शिक्षक को इस पद का अतिरिक्त कार्य दे रखा है। यह समस्या जिले के 112 सरकारी स्कूलों की है। पूरे राजस्थान में यह आंकड़ा पांच हजार से अधिक है। इनके अलावा हजारों स्कूल ऐसे भी हैं, जहां शारीरिक शिक्षक के पद ही स्वीकृत नहीं है। इस कारण बच्चों को कम उम्र में खेल की बारीकियां सीखने को नहीं मिल रही।

इधर परिणाम का बढ़ता जा रहा इंतजार
कर्मचारी चयन बोर्ड ने जून 2022 में शारीरिक शिक्षकों की भर्ती की विज्ञप्ति निकाली थी। चार दिन बाद भर्ती प्रक्रिया को शुरू हुए एक साल पूरा हो जाएगा। लेकिन अभी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही। जबकि उसके बाद हुई रीट मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। शारीरिक शिक्षकों का परिणाम जारी नहीं होने से युवा भी परेशान हैं। युवाओं का कहना है उनकी नियुक्ति समय पर नहीं मिलने के कारण उनको हर माह नुकसान हो रहा है। इसका असर उनकी पदोन्नति पर भी पड़ेगा। भर्ती का परिणाम एक बार तो जारी कर दिया, लेकिन इसमें एक पेच छोड़ दिया। इस कारण अब फाइनल परिणाम दुबारा जारी किया जाएगा। शारीरिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप झाझड़िया ने बताया कि पद भरने से बच्चे खेलों में ज्यादा पदक जीत सकेंगे। जिले के खिलाड़ी नेशनल व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक ला सकेंगे।

यह भी पढ़ें : देर रात हवा में विमान की विंडशील्ड टूटी, जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग

कम उम्र में प्रशिक्षण जरूरी
खेल में एक्सपर्ट वही खिलाड़ी बनता है जिसे बचपन में अच्छी कोचिंग मिले। खिलाड़ी जो गलतियां करता है, उसे कम उम्र में आसानी से सुधारा जा सकता है। इसलिए कम उम्र में खिलाड़ियों को खेल का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। शारीरिक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा का परिणाम जल्द जारी कर नियुक्ति देनी चाहिए। बच्चे शारीरिक रूप से फिट रहेंगे तो पढाई में भी अच्छा करेंगे। इसके अलावा पद भी बढ़ाने चाहिए। प्राथमिक स्कूलों में भी पद मंजूर होने चाहिए।
सत्यवीर झाझड़िया, रिटायर्ड शारीरिक शिक्षक


परीक्षा ली: कर्मचारी चयन बोर्ड ने

- पद: 5546

- आवेदन लिए: जून 2023 से

- परीक्षा: 25 सितंबर 2022

- पहला परिणाम: 21 अक्टूबर 2022

- फाइनल परिणाम: इंतजार

झुंझुनूं जिला

- कुल पद: 523

- कार्यरत: 411

- रिक्त पद: 112

यह भी पढ़ें : हो गई मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सुलह!

करेंगे प्रदर्शन
सरकार जानबूझकर परिणाम जारी नहीं करवा रही। शारीरिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को एक साल होने को है। परीक्षा का अंतिम परिणाम पंद्रह दिन में जारी नहीं किया तो कर्मचारी चयन बोर्ड के दफ्तर के आगे प्रदर्शन किया जाएगा। स्कूल में नया सत्र शुरू होने वाला है, उससे पहले नियुक्ति मिल जानी चाहिए। परिणाम जारी नहीं होने से युवाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बड़ी खबरें

View All

झुंझुनू

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग